राष्ट्र के लिए सर्मपित हो युवाओं की दृष्टि एवं दृष्टिकोण!

राष्ट्र के लिए सर्मपित हो युवाओं की दृष्टि एवं दृष्टिकोण!

अंर्तराष्ट्रीय युवा दिवस पर शहर की यंग बिग्रेड ने रखे विचार

ऋषिकेश-भारत देश युवाओं का देश है।युवा ही आने वाले समय में देश के भाग्य विधाता होंगे।उनके हाथों में ही देश को आगे बड़ाने और दुनिया के ताकतवर राष्ठो के समकक्ष मजबूती से खड़ा रखने की चुनौती होगी।

लेकिन देश का युवा कितना सजग,सर्तक और काबिल है इस पर अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर शहर के युवाओं से बात की गई तो सबने एक स्वर में माना कि देश के युवाओं में टेलेंट की कोई कमि नही है।हर क्षेत्र में युवा सफलता के सोपान तय करने के लिए शिद्दत के साथ जुटे हुए हैं।नगर उधोग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े राज्य आंदोलनकारी रवि कुमार जैन के मुताबिक व्यक्ति युवा शरीर से नहीं होता है बल्कि सोच से होता है। युवाओं की दृष्टि और दृष्टिकोण राष्ट्रीय नव निर्माण के लिए समर्पित होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युवा दिवस मनाने की शुरुआत करने का उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक और राजनीति के मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी और उनकी भूमिका पर चर्चा करना है। युवाओं को समाज के कई मुद्दों पर आगे लाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए इस दिन को मनाया जाता है उत्तरांचल।पंजाबी महासभा के उपाध्यक्ष राजीव खुराना के मुताबिक राष्ट्र के निर्माण और विकास में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में युवाओं को देश दुनिया की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। देश दुनिया के विकास में उनकी रुचि होनी चाहिए। इसके लिए युवाओं की समस्याओं के बारे में जानकर उनका समाधान निकाला होता है, ताकि वह समाज के लिए आवाज उठा सकें। विकास की दिशा में कार्य कर सकें।

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