मिसाइल मैन’ ज्ञान व कर्मठता के थे अद्वितीय प्रतीक

मिसाइल मैन’ ज्ञान व कर्मठता के थे अद्वितीय प्रतीक

ऋषिकेश- ‘मिसाइल मैन’ के नाम से मशहूर दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर आज देश उन्हे नमन कर रहा है। तीर्थ नगरी की शैक्षणिक संस्थाओं ने भी पुण्यतिथि पर मिसाइल मैन को भावपूर्ण श्रद्वांजलि अर्पित की।


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ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल के सचिव कैप्टन सुंमत डंग ने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ज्ञान व कर्मठता के अद्वितीय प्रतीक थे जिन्होंने अपने जीवन का क्षण-क्षण भारत को सशक्त बनाने में लगाया। उन्होंने देश के युवाओं को सदैव नया सोचने व करने के लिए प्रेरित किया। उनका सादगी व आदर्शों से परिपूर्ण जीवन हमें सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।ज्ञान करतार पब्लिक स्कूल के संस्थापक गुरुविंदर सलूजा ने डा कलाम को विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत, मिसाइल मैन, पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ०ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने भारत निर्मित पहले मिसाइल पृथ्वी और फिर उसके बाद अग्नि को बनाने में भी अहम योगदान दिया।वर्ष 1998 में भारत ने परमाणु परीक्षण किया था उसमें भी डॉ कलाम की विशिष्ट भूमिका थी।उनके महान योगदान को देश सदैव याद रखेगा।अंकुर पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर वैभव सकलानी ने देश के 11वें राष्ट्रपति ‘मिसाइल मैन’ डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके जैसे राष्ट्र के प्रति सर्मपित विभूतियों पर हम सब को गर्व महसूस करना चाहिए और युवाओं को ऐसी विभूतियों को अपना प्रेरणा स्रोत मानकर देश सेवा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह विश्व के जाने-माने वैज्ञानिक होने के साथ-साथ समाजसेवी व प्रख्यात शिक्षक भी थे। एक वैज्ञानिक के रूप में देश की युवा पीढ़ी उन्हें अपना आदर्श मानती रहेगी।

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