अंकुर पब्लिक स्कूल में पेरेंट्स के लिए आयोजित हुई कार्यशाला

अंकुर पब्लिक स्कूल में पेरेंट्स के लिए आयोजित हुई कार्यशाला

ऋषिकेश-बदलते वक्त के साथ जिस तरह बच्चों की पढ़ाई का तरीका बदला है, ठीक वैसे ही अब बच्चों की परवरिश का तरीका भी बदल गया है। अब बच्चों को मार-डांट से नहीं समझाया जा सकता है। बच्चों पर ज्यादा सख्ती आप ही को भारी पड़ सकती है। वहीं पेरेंट्स की गलत लाइफस्टाल भी बच्चों पर गहरा असर छोड़ती है। दरअसल बच्चों के चिड़चिड़ेपन का सबसे बड़ा कारण माता-पिता की गलत लाइफस्टाइल भी होती है।

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उक्त तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां अंकुर पब्लिक स्कूल में पेरेंट्स के लिए आयोजित वर्कशॉप में देहरादून से आई काउंसलर रूही जैन ने अभिभावकों को दी।बुधवार को स्कूल प्रंबधन द्वारा स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के व्यवहार में आ रही ऐग्रेसिवनेस को थामने के लिए पेरेंट्स की काउंसलिंग कर उन्हें विख्यात कांउसलर रूही जैन ने महत्वपूर्ण टिप्स दिए।उन्होंने बताया कोरोना महामारी के बाद बच्चों की वृद्धि, विकास और व्यवहार में बदलाव आया है।उन्होंने जानकारी दी कि भारत में प्राइमरी शिक्षा के दौरान लगभग 45 प्रतिशत बच्चों की सही देखभाल न होने से वह वहां नहीं पहुंच पाते, जहां उन्हें क्षमता के अनुसार होना चाहिए। सिर्फ पैसा खर्च करने और बेहतर सुविधाएं देना ही बच्चों के सही विकास की परिभाषा नहीं है। उन्हें पैरेंट्स का भी साथ चाहिए।इस दौरान स्कूल के निदेशक वैभव सकलानी, हेडमिस्ट्रेस नवदीप कौर,समन्वयक सीमा कैंतुरा, श्रद्वा मित्तल,सृष्टि जोशी, शगुन अग्रवाल, वीना गुसांई, रुचि शर्मा, किट्टी अरोड़ा, अलीशा ओबेरॉय,सारिका सेठी,सविता शर्मा, रितिका ओबरॉय, वर्षा शर्मा, संगीता नेगी,पूनम कुमाई,स्वाती,शुभम,सुरभि, नितिका आदि शिक्षिकाएं मोजूद रही।

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