देवभूमि मैं काली घटाएं छाई, नहीं बरसे बदरा!

देवभूमि मैं काली घटाएं छाई, नहीं बरसे बदरा!

ऋषिकेश- गीतकार पं.गोपाल दास के गीत की पंक्ति अबके सावन में एक शरारत मेरे साथ हुई, घर मेरा छोड़कर शहर में बरसात हुई, तीर्थ नगरी ऋषिकेश पर इस बार सार्थक होती नजर आ रही है।



उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जहां आये दिन जमकर बारिश हो रही है वही द्रोणनगरी दून से महज चालीस किमी के फासले पर स्थित देवभूमि ऋषिकेश शहर बारिश से अब तक सूना रहा है।बुधवार को सुबह से हीआसमान में छाई घनी काली घटाओं ने कुछ पलों के लिए उम्मीद जगाई थी, लेकन मामूली बौछार के बाद बादल उड़ गए, हालांकि ठंडी हवाओं के चलते मौसम खुशनुमा हो गया, जिससे उमस से लोगों को राहत मिली।गौरतलब है कि इस मर्तबा गढवाल के मुख्य द्वार ऋषिकेश में बारिश का अब तक कोई खास प्रभाव देखने को नही मिला है। बुधवार को आसमान में घिरी काली घटाओं से लगने लगा था कि तेज बारिश होगी, लेकिन फिर चलीं तेज हवाएं बादलों को बहा ले गईं और देवभूमि एक बार फिर सूखी ही रह गयी।

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