ई रिक्शा के मकड़जाल में उलझी तीर्थ नगरी की यातायात व्यवस्था!

ई रिक्शा के मकड़जाल में उलझी तीर्थ नगरी की यातायात व्यवस्था!

ट्रेफिक नियमों को पांव तले रोद रहे हैं ई रिक्शा चालक

ट्रेफिक पुलिस के सामने रोज टूटती है नियमों की धज्जियां

ऋषिकेश-तीर्थ नगरी में ई रिक्शा यातायात व्यवस्था में बाधक बने हुए हैं।शहर की तमाम सड़कों पर यातायत नियमों की खुलकर धज्जियां उड़ाकर सरपट दोड़ रहे इन तिपहिया वाहनों की वजह से जहां नगर में आयेदिन जाम की स्थिति बनी रहती है।

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तीर्थ नगर में बढ़ती ई-रिक्शों की संख्या अव्यवस्था फैला रही है। ई-रिक्शों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। शहर के किसी भी हिस्से में ई-रिक्शों की काफी संख्या नजर आ जाएगी। इनकी बढ़ती संख्या जाम के हालात पैदा कर रही है। प्रशासन की अंदेखी नगरवासियों को और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब है। जबकि प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यदि ऐसे ही हालात रहे तो शहर ई-रिक्शों से भर जाएगा। जहां पैदल निकलना भी मुश्किल होगा। नगर वासियों में प्रशासन की इस उदासीनता से रोष है। इन ई-रिक्शों के संचालन के लिए मानक तय होने चाहिए। जिससे शहर की व्यवस्था बनी रहे।विडंबना यह भी है कि ई-रिक्शा का संचालन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी में लोगों की सहूलियत के लिए शुरू हुआ था, लेकिन ई-रिक्शा यहां मुसीबत बनकर दौड़ रहे हैं। पंजीकरण कर इनके रूट भी तय कर दिए गए, फिर इनकी चाल रूट से हट गई। अब जाम का बड़ा कारण ई-रिक्शा चालकों की मनमानी बनती है।हरिद्वार रोड पर सुबह से शाम तक ई-रिक्शा का जाल बिछ जाता है। राहगीरों को रास्ता तय करने में दिक्कत होती है। हटने को कहते ही झगड़े पर उतारू हो जाते हैं ई-रिक्शा चालक। यही हाल शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भी है जहां चौड़ी सड़क होने के बावजूद ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से पूरे सड़क पर कब्जा रहता है। दूसरे वाहनों को निकलने के लिए जगह नहीं मिलती, हालात ये कि सुबह से शाम तक जाम रहता है। शहर में सवारियों के इंतजार में जाम लगाने के अलावा ओवरलोड और हाईस्पीड में दौड़ते ई-रिक्शा कई बार पलटकर सवारियों को चोटिल भी कर देते हैं। कई रिक्शे नाबालिग चला रहे हैं। इन पर न तो पुलिस की ही नजर पड़ती है और न ही परिवहन विभाग कोई कार्रवाई करता है।

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