तीर्थाटन पर आये श्रद्वालुओं के गर्मी में सूख रहे हलक!

तीर्थाटन पर आये श्रद्वालुओं के गर्मी में सूख रहे हलक!

यात्रा के मुख्य द्वार ऋषिकेश में पेयजल की समस्या गहराई

सागर किनारे प्यासे की कहावत तीर्थ नगरी पर हुई चरितार्थ

ऋषिकेश-विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थाटन पर आये श्रद्वालुओं के लिए सागर किनारे प्यासे की कहावत चरितार्थ हो रखी है।देश के कोने कोने से रिकॉर्ड तोड़ आ रहे यात्रियों की टोलियां मुसीबत का पहाड़ झेलने को विवश है। इन श्रद्धालुओं को सूख रहे हलक और दो पल के लिए आराम करने जगह भी मयस्सर नही हो पा रही है।

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विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शबाब पर है।लेकिन जमीनी हकीकत यह भी है कि तमाम प्रशासनिक व्यवसथाएं अब तक पंगु ही साबित हुई हैं।प्रशासन ना तो यात्रियों के ठहरने का इंतजाम कर पा रहा है और ना ही उनके लिए शुद्व पेयजल की ही व्यवसथा करा पा रहा है।आलम यह है कि यात्रा पर आये श्रद्धालु पानी की बूंद को देखने को तरस रहे है। प्रशासन की सुविधाओं की सूचियों मे इन यात्रियों के लिए तो भले ही सुविधाओं की भरमार लगी हो लेकिन हकीकत मे इन यात्रियों को सुविधाओं से दूर दूर तक कोई वास्ता नही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि गर्मी मे उनके हलक सूख रहे है। अपने हलक पर किसी तहर काबू तो कर लेते है लेकिन बच्चों को कैसे समझाएं। यह उनके लिए बडी समस्या बनी हुई है।उल्लेखनीय है कि इस वर्ष गर्मी भी कहर बरपा रही है।हर कोई जहां चिलचिलाती धूप व गर्म हवा से परेशान हैं। वहीं दूसरी ओर उनके हलक भी सूखने लगे हैं। श्रद्वालुओं के साथ आमलोगों के बीच पानी के लिए हाहाकार मचने लगा है।

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