व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रणाली हो सशक्त !

व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रणाली हो सशक्त !

ऋषिकेश- रोजगार का संकट देश में कम होने का नाम नही ले रहा।अब समय आ गया है कि व्यवसायिक शिक्षा के जरिए ही आने वाले वर्षों में इस गंभीर होती जा रही समस्या का समाधान खोजा जाये।

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पूर्व राज्यमंत्री भगतराम कोठारी का कहना है कि युवाओं को शिक्षा के साथ कौैशल विकास और उद्यमशीलता से जोड़ना जरूरी है। साथ ही उनकी स्कूली शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा भी अति आवश्यक है। कोरोना माहमारी के समय अनेक लोगों को अपने रोजगार, व्यवसाय और नौकरी से हाथ धोना पड़ा इसलिये जरूरी है कि हमारे देश के सभी बच्चों को कौशल विकास की शिक्षा प्रदान की जाये ताकि उनमें उद्यमशाीलता का गुण विकसित हो।मैत्री संस्था की अध्यक्ष कुसुम जोशी के मुताबिक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये देश की व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रणाली को सशक्त बनाना होगा। कोरोना का कहर भले थम गया हो लेकिन उसने देशवासियों को ऐसे स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया है जहां पर अनेक लोगों को कौशल की आवश्यकता है । इस समय हर वर्ग के व्यक्ति को एक सभ्य आजीविका की जरूरत है। कौशल एवं व्यवसायिक शिक्षा की जरूरत केवल वंचित समुदायों के लोगों को ही नहीें बल्कि उन लोगों को भी जरूरत है जो औपचारिक शिक्षा भी प्राप्त नहीं कर पायें। कहा कि, वोकेशनल ट्रेनिंग के माध्यम से युवाओं को आज के अनुकूल कौशल का निर्माण करने वाला प्रशिक्षण देना होगा तभी कौशल विकास सफल हो सकता है। प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य संदीप गुप्ता की माने तो
स्किल्ड युवा निश्चित रूप से कौशल युक्त भारत का निर्माण कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के स्किल इंडिया कार्यक्रम के तहत रोजगार वृद्धि के लिये अपेक्षित परिणाम उत्पन्न किये हैं। भारत में कौशल विकास तथा बेरोजगारी की समस्या के मूल में स्कूली स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा की अनुपस्थिति है इसलिये स्कूली स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा को शामिल करना बहुत जरूरी है।

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