निर्जला एकादशी पर गंगा मय्या के उद्वोषों से गूंजा त्रिवेणी घाट,हजारों ने लगाई आस्था की डुबकी

निर्जला एकादशी पर गंगा मय्या के उद्वोषों से गूंजा त्रिवेणी घाट,हजारों ने लगाई आस्था की डुबकी

ऋषिकेश- निर्जला एकादशी व्रत पर शनिवार को हजारों श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ गंगा में स्नान किया। आस्था के साथ गंगा में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी घाट पर पूजन-अर्चन कर दान-पुण्य किया।इस दौरान गंगा मय्या के उद्वोषों से गंगा तट का पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। दिनभर स्नान करने वालों का तांता लगा रहा। तीर्थ नगरी ऋषिकेश में उमड़ी भीड़ से मेले जैसा माहौल दिखा।


गंगा दशहरा पर्व के बाद आज निर्जला एकादशी पर तड़के से त्रिवेणी घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था के साथ गंगा में डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं द्वारा गंगा माता के जयघोषों से तट का माहौल भक्तिमय हो उठा। स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं ने जल भरा घड़ा, हाथ-पंखा, दक्षिणा, फल, वस्त्र तथा अन्न आदि चढ़ाया। स्नान के बाद तट पर जुटे असहायों को आस्थावानों ने दान किया। गंगा तट के समीप रघुनाथ मंदिर पर जुटे श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन करते हुए परिवार के लिए मंगल कामना की। त्रिवेणी घाट बाजार विविध दुकानों से लोगों ने खरीदारी की। त्रिवेणी घाट से लेकर नगर में चहल पहल रहने से मेले जैसा माहौल दिखा। पर्व पर लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन काफी सजग दिखा।

स्नान पर्व का महात्मय

पं. वेदप्रकाश शास्त्री बताते हैं कि निर्जला एकादशी व्रत पर बिना अन्न व जल धारण किए उपासना करना विशेष फलदायी होता है। श्रद्धा के साथ विधि-विधान से व्रत धारण करने पर पाप नष्ट होते हैं। आज के दिन जल भरा घड़ा, हाथ-पंखा, अन्न, फल, सोना, दक्षिणा व वस्त्र दान करने से मनुष्य को अभिष्ट फल की प्राप्ति होती है। साथ ही गंगा स्नान करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं।

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