स्टूडेंट्स के विकास में कार्यशाला की सर्वाधिक उपयोगिता-प्रो धींगरा

स्टूडेंट्स के विकास में कार्यशाला की सर्वाधिक उपयोगिता-प्रो धींगरा

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला

ऋषिकेश-पंडित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी के तत्वावधान में आयोजित द्वितीय प्रायोगिक कार्यशाला का उद्घाटन प्राचार्य प्रोफेसर गुलशन कुमार ढींगरा द्वारा किया गया।

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कार्यशाला में अपने संबोधन में प्राचार्य ढींगरा ने सभी प्रतिभागियों व मुक्त विश्वविद्यालय के कार्यशाला समन्वयकों का स्वागत किया और कहा कि इस परिसर में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा होने वाली छठी कार्यशाला है। 2017 से इस प्रायोगिक कार्यशाला में परिसर के सभी विद्वान साथियों का सहयोग प्राप्त होता है जिससे सभी छात्र छात्राएं लाभान्वित होते हैं। कार्यशाला में मुक्त विश्वविद्यालय से आई डॉ बीना फुलेरा ने कहा कि विद्यार्थी इस कार्यशाला का पूर्ण लाभ उठाएं एवं विषय से संबंधित जानकारी विषय विशेषज्ञ से प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों को प्रायोगिक विषय का व्यावहारिक ज्ञान देना है । मुक्त विश्वविद्यालय से डॉ टम्टा ने भी कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला के समन्वयक ने कहा की आज की कार्यशाला में पर्यावरण विज्ञान एवं फॉरेस्ट्री में लगभग 100 विद्यार्थी उपस्थित हुए हैं जोकि दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल आदि स्थानों से प्रतिभाग कर रहे हैं । उद्घाटन सत्र में मंच का संचालन डॉ इंदु तिवारी द्वारा किया गया ।इस अवसर पर, डॉ शालिनी, डॉ स्मिता बड़ोला, डॉ ज्ञानेन्द्र अवस्थी, डॉ पुष्कर गौड़ एवं देवेंद्र भट्ट इत्यादि उपस्थित थे।

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