आपसी सद्भाव से ही समाज को विकास के मार्ग पर अग्रसर किया जा सकता है-ऋतु खंडूड़ी भूषण

आपसी सद्भाव से ही समाज को विकास के मार्ग पर अग्रसर किया जा सकता है-ऋतु खंडूड़ी भूषण

ऋषिकेश- विकासखंड दुगड्डा के अंतर्गत झटरी गांव में आयोजित चार दिवसीय बलोदी पारिवारिक मिलन समारोह का शुभारंभ उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने विधिवत दीप प्रज्वलित कर किया।

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इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने गांव में पहुंचे प्रवासियों से आह्वान किया कि अपना गांव, घर ना छोड़े, पूर्वजों की विरासत, संस्कृति एवं संस्कारों को संजो कर रखें। यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत झटरी गांव में पहुंचने पर ग्रामवासियों द्वारा विधानसभा अध्यक्ष का ढोल नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान क्षेत्र के लोगों ने बड़े उत्साह के साथ माल्यार्पण कर ऋतु खंडूडी का सम्मान किया| बलोदी परिवारों द्वारा आयोजित पारिवारिक मिलन समारोह के दौरान 100 से अधिक प्रवासी परिवार गांव पहुंचे हैं। इस अवसर पर मांगल गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति आयोजित की गई। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने पारिवारिक मिलन समारोह की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से हमें अपने गांव में रहकर अपनी संस्कृति का परिचय होता है| उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान सभी को एहसास हो चुका है कि अपना गांव अपना ही होता है| विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज के दौर में सभी लोग अपने-अपने क्षेत्र में अच्छा नाम कमा रहे हैं इसलिए सभी की जिम्मेवारी बनती है कि जिस माटी में जन्म लिया है उसका कर्ज चुकाया जाए, जिसके लिए हमें अपने बच्चों को गांव से जोड़ना होगा एवं उन्हें अपनी संस्कृति एवं संस्कारों का बोध कराना होगा| विधानसभा अध्यक्ष ने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि आज के इस आधुनिक युग में टेक्नोलोजी, विजन एवं योजनाओं का उपयोग कर अपने क्षेत्र एवं गांव के विकास के लिए कार्य करें।उन्होने कहा कि आपसी सद्भाव से ही समाज को विकास के मार्ग पर अग्रसर किया जा सकता है। समाज में आपसी भाईचारे के माध्यम से ही सुंदर वातावरण का निर्माण किया जा सकता है, जो समाज की उन्नति के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि हम समय-समय पर लोगों को आपस में मेलजोल बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करते रहे।आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी के कारण व्यक्तिवादी प्रवृति बढ़ रही है। ऐसी प्रवृति के कारण लोगों में अपने व अपने परिवार के बीच ही सिमटकर रहने की भावना बढ़ी है। आलम यह है कि परिवार में ही एक दूसरे सदस्यों के प्रति दुरियां बढ़ रही हैं, जो सामाजिक सरोकार के लिहाज से सही नहीं है। इससे हमारा सामाजिक तानाबाना व संस्कार खंडित हो रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने समाज में रहने वाले दूसरे लोगों के भी गम व खुशी में सहभागी बने।इस अवसर पर केशव दत्त बलोदी, डॉ द्वारिका प्रसाद बलोदी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता कोटनाला, प्रधान अनीता बलोदी, ओमप्रकाश बलोदी, कैलाश चंद्र बलोदी, मनमोहन बलोदी, खुशीराम बलोदी, मेजर मंसाराम बलोदी, मंजू जखमोला, अनीता गौड़, शशिबाला, सुरजीत सिंह गुसाईं, दीपक गौड़, अनूप गुप्ता सहित गांव के सैकड़ों लोग उपस्थित थे|

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