कृषि विभाग ने भूमि संरक्षण योजना के तहत मात्र बीस मीटर लम्बा तारजाल पत्थरों से भरवा कर की इति श्री

कृषि विभाग ने भूमि संरक्षण योजना के तहत मात्र बीस मीटर लम्बा तारजाल पत्थरों से भरवा कर की इति श्री

ऋषिकेश-ग्राम सभा खदरी खड़क माफ के खादर क्षेत्र में सौंग नदी की बाढ़ से होने वाले कटाव को रोकने के लिए कृषि विभाग ने भूमि संरक्षण योजना के तहत मात्र बीस मीटर लम्बा तारजाल पत्थरों से भरवा कर इति श्री कर ली है।


स्थानीय कृषक एवं जिलाधिकारी देहरादून की अध्यक्षता में गठित जिला गंगा सुरक्षा समिति के नामित सदस्य पर्यावरण सचेतक विनोद जुगलान ने इसे खादर के किसानों के साथ विभाग द्वारा किया गया भद्दा मजाक करार दिया।उन्होंने कहा कि हर साल सौंग नदी की भीषण बाढ़ से खदरी के खादर क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों बीघा भूमि अब तक नदी में समा गई है।हर साल बर्षात में बाढ़ आने पर यहाँ बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन की टीम आकर यह कहकर चले जाते हैं कि अभी नदी की बाढ़ में सुरक्षा व्यवस्था करना संभव नहीं है।बाढ़ का पानी कम होने पर सुरक्षा तटबंध लगाया जाएगा।बाढ़ आपदा की रिपोर्ट प्रसाशन को प्रेषित की जा रही है।लेकिन वर्ष 2005 के बाद अभी तक सुरक्षा तटबन्ध के नाम पर 15 मीटर 20 मीटर से अधिक कार्य नहीं हो रहा है।जुगलान ने यह भी कहा कि बीते वर्ष विधानसभा के शीत कालीन सत्र में सौंग नदी की बाढ़ से सुरक्षा को 80 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई थी किन्तु आज तक सौंग नदी के बाएँ छोर पर खदरी में पक्के तटबन्ध के नाम पर कोई एक कट्टा सीमेन्ट भी नहीं लगाया गया है।जबकि बीते वर्ष स्थानीय विधायक और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष स्वयं मीडिया के सम्मुख यह कह कर गए थे कि खादर क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा के लिए 54 लाख रुपये स्वीकृत किये गए हैं।उन्होंने कहा कि एक ओर सौंग नदी की दाईं छोर पर नौ करोड़ रुपये लागत से सुरक्षा कार्य करवाये जा रहे हैं जिसके चलते नदी की धारा को खदरी की ओर मोड़ दिया गया है जबकि खादर क्षेत्र पहले ही नदी की बाढ़ की जद में बना हुआ है।दूसरी ओर बाढ़ सुरक्षा के नाम पर खदरी के किसानों के साथ शौतेला व्यवहार किया जा रहा है।खदरी के किसानों ने सौंग नदी की बाढ़ प्रभावित संवेदनशील स्थानों पर तुरन्त सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की माँग की है।माँग करने वालों में नरेन्द्र रयाल,सुरेंद्र जुगलान,देव दत्त रयाल,पूर्व सैनिक सुरेंद्र रयाल,पूर्वसैनिक चंडी प्रसाद भट्ट,गौरव सैनानी लाखी राम रतूड़ी,खुशी राम रतूड़ी,दया राम गैरोला,रमेश गैरोला, दिनेश गैरोला,दिनेश रतूड़ी,गिरीश रतूड़ी,अनील रतूड़ी,राजा राम रयाल,दिनेश प्रसाद,सुदामा प्रसाद,पन्ने लाल,प्रेम दत्त भट्ट,प्रमोद भट्ट,रमेश भट्ट,बिंदेश्वरी देवी आदि प्रमुख हैं।मानसून सत्र शुरू होने से पहले बाढ़ सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध न होने पर किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।गौरतलब है कि बीते वर्ष अगस्त माह के दौरान सौंग नदी में आयी भीषण बाढ़ में वन विभाग द्वारा वन्यजीवों से सुरक्षा को लगाई गई साढ़े सात लाख की सौर ऊर्जा बाड़ सहित कई बीघा भूमि सौंग नदी में में बह गई थी।

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