संस्कृत के उत्थान के लिए कार्य करने वालों का हुआ सम्मान

संस्कृत के उत्थान के लिए कार्य करने वालों का हुआ सम्मान

ऋषिकेश- श्री दर्शन महाविद्यालय मैं आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक अध्यक्ष श्री श्री रविशंकर की प्रेरणा से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने एवं संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर विधालय के विधार्थियों को खाद्य सामग्री भी वितरित की गई।


सोमवार को श्री दर्शन महाविद्यालय में आर्ट‌ ऑफ लिविंग के अध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंक के शिष्य स्वामी विजयानंन्द महाराज एवं सत्य चैतन्य महाराज के आशीर्वाद की फलस्वरुप 120 ऋषि कुमारो एवं अध्यापकों के साथ ही सनातन धर्म की ध्वजा को आगे ले जा रहे राम तपस्थली ब्रहमपुरी के संस्थापक अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास महाराज,तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ,
दर्शन महाविद्यालय की अध्यक्ष बंशीधर पोखरियाल ,दर्शन महाविद्यालय के प्रबंधक संजय शास्त्री को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर स्वामी सत्य चेतन्य महाराज ने कहा कि आज हम लोग अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं वही दूसरी ओर देश विदेशों में हमारी संस्कृति आगे बढ़ रही है ।उसका मूल कारण है हमारी शिक्षा ।उन्होंने कहा कि संस्कृत बढ़ेगी तभी देश की संस्कृति बचेगी।इस अवसर महामंडलेश्वर दयाराम दास महाराज ,संजय शास्त्री, वंशीधर पोखरियाल,महंत रवि प्रपन्नाचार्य , स्वामी विजयानन्द, स्वामी सत्य चैतन्यनंन्द, प्रधानाचार्य राधा मोहन दास, शांति प्रसाद मैठानी, अनूप रावत,चैनसुख रामचंद्र ,भैया बालकृष्ण ,सत्यनारायण शर्मा ,मुकेश कुमार बहुगुणा , कमल डिमरी , सुशील नौटियाल , आशीष जुयाल , श्रीमती सीमा मैठानी , प्यारे लाल तिवारी , पूर्णानंद सिलस्वाल ,हरीश सिलस्वाल , गोपी चंद्र सिलस्वाल , श्रीमती मंजु देवी आदि उपस्थित रहे।

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