बाजारों में अतिक्रमणकारियों के आगे सिस्टम नतमस्तक!

बाजारों में अतिक्रमणकारियों के आगे सिस्टम नतमस्तक!

जाम का कड़वा घूट पीने को विवश हैं शहरवासी

शहर के बहादुर प्रशासन की नही टूट रही चिरनिद्रा

ऋषिकेश-शहर के मुख्य मार्ग जहां पर्यटकों का सैलाब उमड़ने से रोजाना जाम का शिकार हो रहे हैं वहीं यहां के बाजारों में स्थिति और ज्यादा बदतर हो रखी है।ऋषिकेश के मुर्खजी बाजार में तो शांम के समय स्थिति इस कदर बदतर हो जाती है कि अपनी मंजिल तक पहुंचना ही लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है।



योग नगरी ऋषिकेश में अतिक्रमणकारियों के आगे पूरा सिस्टम ही नतमस्तक नजर आ रहा है। भयंकर जाम के कारण लोग वाहनों पर तो क्या पैदल भी बाजारों में से निकल नहीं पा रहे हैं। बाजार आना एक तरह से सजा बन गया है। शहरवासी प्रशासनिक अधिकारियों से बाजारों को जाम से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाते रहे हैं। लेकिन प्रशासन बस हवा में लठ चलाने की कहावत को ही चरितार्थ कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री करता रहा है।इसी के चलते अब हालात कुछ ऐसे हैं की जाम के कारण शहर के बाजारों में स्थिति बेहद विकट हो गई है। महज पांच मिनट की दूरी तय करने में आधे से एक घंटे का समय लग रहा है। इसकी बड़ी वजह दुकानदारों व रेहड़ी संचालकों द्वारा बाजार की सड़कों पर ओर अधिक अतिक्रमण करना रही है।बाजार की सड़कों की चौड़ाई अतिक्रमण के जाल में फंसकर लगातार सिकुड़ती जा रही हैं। अतिक्रमण की वजह से बाजारों में दिनभर जाम की स्थिति बनना बहुत आम बात हो गई है लेकिन इसके बावजूद अधिकारी कुम्भकर्णी नींद में हैं।विडंबना यह भी है कि अक्सर प्रशासनिक मीटिंगों के दौरान बाजारों में अतिक्रमण के मुद्दे को उठाया जाता रहा है। लेकिन अब तक अतिक्रमण से लोगों को निजात दिलाने के लिए कोई कदम नही उठाए गए हैंं।ऐसे में शहरवासियों को कब तक जाम का झाम रोज झेलना पड़ेगा यह फिलहाल तो भविष्य के गर्भ में ही है।

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