मां वैष्णवी के भजनों पर कात्यायनी मंदिर में महिलाओं ने किया जमकर नृत्य

मां वैष्णवी के भजनों पर कात्यायनी मंदिर में महिलाओं ने किया जमकर नृत्य

मां दुर्गा के जयकारों से गूंज रहें है तमाम देवी मंदिर

ऋषिकेश- देवभूमि ऋषिकेश में चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना के लिए देवी मंदिरों में भक्त उमड़े। लोगों ने विधि विधान के साथ मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। शक्तिपीठ कात्यायनी मंदिर में पूरे दिन भक्तों की भीड़ रही।




कात्यायनी मंदिर के संस्थापक गुरुविंदर सलूजा ने बताया देवी सती के दूसरे स्वरूप का नाम माता ब्रह्मचारिणी है और नवरात्र के दूसरे दिन माता के इसी स्वरूप की पूजा अर्चना का विधान है। पौराणिक मान्यता के अनुसार ब्रह्मा जी की शक्ति होने के कारण देवी का नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा। इनका उद्भव भगवान ब्रह्मा के कमंडल से माना जाता है। ब्रह्मा जी सृष्टि के सृजक हैं और ब्रह्मचारिणी उनकी शक्ति।ब्रह्मा जी ने इसी शक्ति के बल पर सृष्टि का विस्तार किया जिसके कारण स्त्री को सृष्टि का कारक माना गया है। देवी ब्रह्मचारिणी ज्ञान, वैराग्य एवं ध्यान की अधिष्ठात्री हैं। ऐसी मान्यता है कि देवी के इस स्वरूप की पूजा अर्चना करने से ज्ञान के साथ घरों में सुख समृद्धि आती है। इसी मान्यता के अनुरूप रविवार को चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में भक्त उमड़ पड़े। शक्तिपीठ कात्यायनी मंदिर में भोर पहर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी।श्रद्धालुओं ने चुनरी व नारियल चढ़ाकर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की और परिवार की खुशहाली व सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।

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