दीपक जाटव को गणवेश में देख भाजपाई हैरान कांग्रेसी परेशान!

दीपक जाटव को गणवेश में देख भाजपाई हैरान कांग्रेसी परेशान!

कांग्रेस की आपसी खीचतान के बीच युवा दलित नेता ने भी किया पार्टी से किनारा

ऋषिकेश- यह सियासत है जनाब इसमें कुछ भी मुमकिन हो सकता है।तीर्थ नगरी ऋषिकेश में आयेदिन सामने आ रही राजनैतिक तस्वीरे कुछ यही बयां कर रही है।लोकतंत्र का पर्व निपट चुका है। उत्तराखंड के निजाम के रूप में पुष्कर सिंह धामी ने भी एकबार फिर से कुर्सी संभाल ली है।लेकिन योग नगरी ऋषिकेश का सियासी पारा अभी भी चढ़ा हुआ है।वजह है उत्तराखंड की सियासत में धूमकेतु की तरह चमक कर उभरे ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल।


ऋषिकेश विधानसभा से शानदार जीत का चौका लगाकर मुख्यमंत्री के बाद दूसरे दर्जे के कैबिनेट मंत्री बने प्रेमचंद अग्रवाल के बड़ते राजनैतिक कद ने भाजपा के तमाम धुरंधर नेताओं को जहां एक और बेचैन कर रखा है वहींं शहर की राजनीति में भी उधल पुथल मचा रखी है।आलम यह है कि शहर की सियासत का मूढ़ भाप पानें में सियासी पंडित भी खुद को असहज महसूस कर रहे हैं।भाजपा के भीतर रहकर काबीना मंत्री अग्रवाल का वर्षों से विरोध करने वाले तमाम कद्दावर नेता तो जनादेश के बाद पूरी तरह से सरेंडर की मुद्रा में नजर आने लगे हैं मगर कांग्रेस के भीतर गुटबाजी के तूफान का दौर अभी भी जारी है।इन सबके बीच कांग्रेस के युवा दलित नेता दीपक जाटव को भारतीय नववर्ष के मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के निकले पथ संचलन में गणवेश में कदमताल करता देख हर कोई चौंक गया।हेरत की बात यह भी है कि विधानसभा चुनाव में दीपक कांग्रेस प्रत्याशी जयेन्द्र रमोला के प्रमुख रणनीतिकारों की भूमिका में नजर आये थे।ऐसे में अचानक से उनका आर एस एस में जाना यहां कई सवालों को जन्म दे गया है।शहर में चर्चाओं और अटकलों का बाजार गर्म है।दीपक जाटव का यूं अचानक से आर एस एस में शामिल हो जाना ना तो कांग्रेस कार्यकर्ता पचा पा रहे हैं और ना ही भाजपाई ही हजम कर पा रहे हैं।पर्दे के पीछे इसकी वजह और मजबूरियों को लेकर सुपर संडे को दिनभर चर्चाओं का बाजार शहर मे गर्म रहा।ऐसे में अब यह देखना रोचक होगा कि दीपक आर एस एस के बाद भाजपा में कब ऐंन्ट्री लेंगे।

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