उज्जवला योजना के लाभार्थियों को केन्द्र सरकार ने ठगा-दीप शर्मा

उज्जवला योजना के लाभार्थियों को केन्द्र सरकार ने ठगा-दीप शर्मा

ऋषिकेश- तेल कंपनियों की ओर से लगातार रसोई गैस के दाम बढ़ाए जाने से गरीबों के घरों में रसोई गैस बुझ गई है। अब फिर से चूल्हा जलाने की तैयारी की जा रही है। महंगाई के कारण परेशान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की लाभार्थी महिलाओं ने गैस सिलिडर घर के कोने में रख दिए और फिर से लकड़ी बीनकर चूल्हा फूंकने की तैयारी शुरू कर दी है। खासतौर पर शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं जंगल किनारे जाकर लकड़ियां बीनने का काम करने लगी हैं। रसोई गैस के बढ़ते दामों से उपभोक्ताओं का बजट गड़बड़ा गया है।


पूर्व पालिकाध्यक्ष व कांग्रेस के प्रदेश महासचिव दीप शर्मा का कहना है कि केन्द्र की मोदी सरकार सत्ता के मद मे चूर होकर लगातार जनविरोधी निर्णय ले रही है।पेट्रोलियम प्रदार्थों में पांच राज्यों के जनादेश के बाद जिस प्रकार लगातार वृद्धि हो रही है उससे महंगाई अपना रिकॉर्ड स्तर छू गई है।देश की गरीब महिलाओं को सपने दिखाकर केन्द्र सरकार ने उनके साथ धोखा करने का काम किया है।घरेलू गैस पर 50 रुपये बढ़ने से अब उज्ज्वला योजना की महिलाओं की चिता और भी बढ़ गई है। गरीब परिवार पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। लगातार बढ़ती महंगाई से खर्च पूरा करना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद भी प्रति सिलिडर 50 रुपए बढ़ जाने से अब महिलाएं और भी चितित हैं।कांग्रेस नेता दीप शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गरीब महिलाओं को मुफ्त कनेक्शन वितरित किए गए थे। ऐसे परिवारों को अब सिलिंडर भरवाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं जंगल से सटे इलाके में जाकर लकड़ियां बीनकर चूल्हा जलाने पर मजबूर है। पहले सिलिडर का मूल्य 917.50 रुपये था। अब पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से 50 रुपये बढ़ा दिए जाने से प्रति सिलिंडर 967.50 रुपये हो गया है। एकदम घरेलू गैस पर 50 रुपये की वृद्धि होने से उपभोक्ताओं का बजट गड़बड़ा गया। इसका सबसे अधिक प्रभाव उन लोगों पर पढ़ा है जिन लोगों को उज्ज्वला योजना के अंतर्गत सिलेंडर दिए गए थे। वह अब चूल्हे से भोजन बनाने को मजबूर है।

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