महंगाई की मार जनता में हाहाकार, जीवन हुआ दुश्वार!

महंगाई की मार जनता में हाहाकार, जीवन हुआ दुश्वार!

ऋषिकेश- पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी और रसाई गैस के दामों में इजाफे ने महंगाई को और बढ़ा दिया है। घर में रसोई का बजट भी बिगड़ता नजर आ रह है।



पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी से महंगाई की चौतरफा मार आम जनमानस पर पड़ रही है। चावल और दाल के दामों में भी बढ़ोतरी से बजट गड़बड़ा रहा है। ईंधन के दाम बढऩे से ट्रांसपोर्ट व्यवसायी भी परेशान हैं।थोक बाजार में अरहर, मूंग और उड़द की दालों के दामों में बढ़ोतरी हुई है। मूंग की दाल 100-110 रुपये किलो हो गई है। इसमें पांच रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। अरहर के दाम थोक में 90 रुपये किलो के आसपास हैं। चावल के दाम गैलेक्सी ब्रांड से निर्धारित होते हैं। इसके दाम में भी पांच रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी है। मसूर और उड़द की फसल कमजोर रही है जिस कारण दामों में बढ़ोतरी है।कई मसालों में भी तेजी है। साबुत मिर्च के दामों में भी 20 रुपये प्रति किलो की तेजी है। हींग की 100 ग्राम की डिब्बी 90 से 120 रुपये की हो गई है। गृहिणी कांता रावत ने बताया दिन पर दिन बढ़ते गैस के दामों ने किचन का बजट बिगाड़ दिया है। गैस का एक सिलेंडर एक माह में खर्च हो जाता है। बात सिर्फ गैस सिलेंडर की होती तब भी ठीक था लेकिन फल सब्जियों के दाम भी दिन पर दिन बढ़ रहे है। ऐसे में घर का खर्च चलाना मुश्किल काम हो गया है।शिक्षिका सवी रैवानी ने बताया मैं एक कामकाजी महिला हूं। ऐसे में घर खर्च के अलावा अन्य खर्च पर भी पूरा ध्यान देना पड़ता है। एक ओर खाद्य सामग्री का महंगा होना और फिर गैस और पेट्रोल की कीमतें बढऩा। ऐसे में घर का बजट तेजी से बढ़ रहा है। सीमित आमदनी में घर चलाना अब मुश्किल हो गया है।गृहिणी ज्योत्सना थपलियाल के अनुसार फल सब्जी दाल चावल गैस कोई चीज सस्ती नहीं है। हर दिन कीमतें बढ़ रही है। अन्य खर्च को सीमित कर भी लिया जाए। लेकिन खाने पीने की चीजों की हर दिन कीमतें बढऩे से रसोई का बजट हर माह गड़बड़ा रहा है।

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