मनुष्य के जीवन में सत्कर्मों का होना जरूरी-ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी महाराज

मनुष्य के जीवन में सत्कर्मों का होना जरूरी-ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी महाराज

ऋषिकेश-जयराम आश्रम के परम अध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी महाराज का कहना है सच्चा संत वही है जो अपने अनुयायियों को मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करे।



गंगा तट स्थित जयराम आश्रम में एक भेंटवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन जीना है, तो उसे कर्म करने होंगे। मनुष्य का जीवन सत्कर्मों का होना भी जरूरी है। इसके लिए गुरु व संत की आवश्यकता भी होती है।शिक्षा और चिकित्सा के साथ साथ गौ,गंगा एवं गायत्री के लिए अभियान चला रहे जयराम आश्रम के परम अध्यक्ष ने कहा कि विश्व में भारतीय संस्कृति का डंका बज रहा है। भारत की आयुर्वेदिक चिकित्सा,योग, शिक्षा भी विश्व के हर घर तक पहुंच रही है। हमारी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से कोरोना वायरस को भी मात दी गई। जो सभ्यता विश्व में फैल रही है, वह सनातन धर्म, सनातन संस्कृति की है। कहा कि संत का काम समाज को सही दिशा दिखाना है। संतों के मार्गदर्शन से किये गये कार्य में सफलता अवश्य मिलती है।उन्होंने कहा कि मानव कल्याण के लिए जो भी कार्य हों उनमें संतों की भागीदारी अवश्य होनी चाहिए।अपने मार्गदर्शन से मनुष्य को अच्छे कार्यों के प्रति प्रेरित करना तथा बुरे कर्मो के प्रति सावधान करना ही संतों का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।

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