हर घर जल पहुंचाने के लिए सामुदायिक सहभागिता जरूरी

हर घर जल पहुंचाने के लिए सामुदायिक सहभागिता जरूरी

एचआईएचटी में चल रहा है लेवल-3 प्रशिक्षण

ऋषिकेश-हिमालयन इंस्टिट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट (एचआईएचटी) और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग उत्तराखण्ड की ओर से जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता समिति सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें जनपद देहरादून के 52 प्रतिभागी शामिल है।



प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के संजय राज और एमके गुप्ता ने हर घर जल पहुंचाने के लिए सामुदायिक सहभागिता पर बल दिया। साथ ही जलापूर्ति योजनाओं के नियोजन, क्रियान्वयन, संचालन एवं रख-रखाव हेतु क्षमता संवर्द्धन करना एवं तकनीक की जानकारी दी। मुख्य अतिथि मैती आंदोलन के प्रणेता पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने पारंपरिक तरीके, जल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन व सामुदायिक भागीदारी के विषय में जानकारी दी। डॉ. राजीव बिजल्वाण ने पेयजल की शुद्धता के लिए अनिवार्य उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होनें पेयजल से स्वास्थ्य के सीधे प्रभावों को स्पष्ट किया। एचआईएचटी के एचपी उनियाल ने जलापूर्ति स्कीम के लिए ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति के गठन, सामुदायिक सहभागिता, पेयजल स्वच्छता एवं गुणवत्ता की जांच, डिजीटल तकनीक के अनुप्रयोग सहित ग्रे वाटर प्रबंधन के विषय मे विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों को दी। एचआईएचटी में वाटर एंड सैनिटेशन (वाटसन) विभाग के इंचार्ज नितेश कौशिक ने बताया की भारत सरकार के जलशक्ति मंत्रालय ने एचआईएचटी को राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के ‘हर घर जल’ योजनाके सेक्टर पार्टनर और केआरसी (की रिसोर्स सेंटर) के तौर पर नामित किया है। केआरसी (की रिसोर्स सेंटर) के रुप में एचआईएचटी में उत्तराखंड में लेवल-3 का यहआवासीय प्रशिक्षण है। प्रशिक्षक सुनील खण्डूरी व विवेक आनंद ने भी प्रतिभागियोंको विभिन्न जानकारी उपलब्ध करायी।

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