शराब के लालच में अपने मत के अधिकार को न बेचें-कुसुम जोशी

शराब के लालच में अपने मत के अधिकार को न बेचें-कुसुम जोशी

ऋषिकेश-ऋषिकेश विधानसभा का दंगल हर गुजरते दिन के साथ रोचक होता हुआ नजर आ रहा है।राष्ट्रीय दलों के बीच अब तक सीधे दिखाई दे रहे मुकाबले में आम आदमी पार्टी अथवा उजपा प्रत्याशी कोई उलटफेर कर पायेंगे ये तो फिलहाल भविष्य के गर्भ में है लेकिन इतना तय है कि यदि चुनाव के अतिंम दौर में यदि कांटे के संर्षष की तस्वीर बनी तो यहां मतदाताओं को रिझाने के लिए शराब का खुलकर सहारा लिया जा सकता है।


इसी संभावनाओं को देखते हुए समूचे उत्तराखंड में शराब विरोधी मुहिम चला रहा मैत्री संगठन सक्रिय हो गया है।संस्था की अध्यक्ष कुसुम जोशी ने ना सिर्फ ऋषिकेश विधानसभा बल्कि समूचे उत्तराखंड की विधानसभाओं में रहने वाले मतदाताओं से शराब परोसकर वोट खरीदने का मंसूबा पाले प्रत्याशियों का बहिष्कार करने की अपील की है।उन्होंने बताया की महिलाएं चुनाव में शराब न चलाने को लेकर तैयारी में जुटी हैं।महिलाओं ने इस बार ठान ली है कि चुनाव में शराब किसी भी हालत में परोसने नही देंगी। महिलाओं का मानना है कि चुनाव में जो उम्मीदवार शराब व अन्य लालच देने पर पैसा खर्च करेंगे वे विकास कर ही नही सकते।मैत्री संस्था की अध्यक्ष श्रीमती जोशी के मुताबिक चुनाव में शराब पिलाने पर प्रशासन को सख्ती से पेश आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सियासत के दंगल में लोगों को नशे की लत में डालना सामाजिक अपराध है।ऐसे उम्मीदवारों का बहिष्कार किया जाना चाहिए जोकि शराब परोसकर कुर्सी हथियाने का सपना संजोए हों।उन्होंने बताया कि वह इस बार उन उम्मीदवारों का विरोध करेंगी जो ग्रामीणों को शराब पिलाऐंगे। शराब से जहां गांव का माहौल खराब होता है वहीं लोगों को नशा करने की लत भी लग जाती है। चुनाव के बाद वह घर में झगड़ा करते हैं जिससे परिवार टूटने के कगार पर पहुंच जाते हैं।
इसके लिए मतदाताओं को भी जागरूक होना होगा कि वे शराब के लालच में अपने मत के अधिकार को न बेचें।

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