शूरवीर सिंंह सजवाण ने उठाई बगावत की मशाल!

शूरवीर सिंंह सजवाण ने उठाई बगावत की मशाल!

ऋषिकेश-कांग्रेस की मुश्किलें’ और ‘महाजन का कर्ज’ ये दोनों ही अब एक दूसरे के पर्यायवाची बनते जा रहे हैं। न महाजन का दिया कर्ज कभी खत्म होता है और न कांग्रेस की मुश्किलें खत्म हो रही है।


कुछ इसी हाल में ऋषिकेश विधानसभा में कांग्रेस नजर आ रही है।चुनौतियां यहां ढेड दशक से चले आ रहे जीत के सूखे को कम करने की है।लेकिन हालात यह है कि यहां कांग्रेस में टिकट ना मिलने से नाराज पूर्व काबीना मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी जयेंद्र चन्द रमोला के खिलाफ खुलेतौर पर बगावत का बिगुल फूंकते हुए आज निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नांमाकन दाखिल करा दिया है।उनके साथ जिस तरह दिग्गज कांग्रेसियों की फोज सर्मथन के लिए सामने आयी है।उसने अभी से ही कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।अब सवाल एक ही रह गया है कि पार्टी नेतृत्व इस बगावत को किस रूप में लेता है।और डेमेज कंट्रोल के लिए किस तरह का रास्ता अपनाता है, या परिधि पर खड़े नेताओं को वापस आने का मौका देते हुए असंतोष के केंद्र को कुचलने की कोशिश करता है।इन सबके बीच कांग्रेस में मचे सियासी घमासान से कार्यकर्ता हताश है और निराशा के उस समुन्दर में हिचकोले खा रहा है जहां से उसे बाहर निकलने की फिलहाल तो कोई किरण नजर नही आ रही।विडम्बना देखिये कुछ अर्से पूर्व तक यहां भाजपा के मजबूत गढ को भेदने के लिए ऋषिकेश विधानसभा के तमाम कांग्रेसी एकजुटता के साथ चुनावी समर में उतरने की बड़ी बड़ी बातें कर रहे थे।सोशल मीडिया पर तो बकायदा पिछले कई माह से बकायदा मुहिम चलाई जा रही थी की पार्टी आलाकमान जिस भी कैंडिडेट को ऋषिकेश विधानसभा के दंगल में उतारेगा उसके पक्ष में सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करेंगे।लेकिन अप्रत्याशित रूप से गढवाल के मुख्य द्वार की इस बेहद महत्वपूर्ण विधानसभा सीट पर युवा चेहरे के तौर पर ए आई सी सी के सदस्य जयेंद्र चन्द रमोला के नाम की घोषणा होते ही यहां कांग्रेस के भीतर सियासी तूफान मच गया।बगावती तेवर दिखाने वाले शूरवीर सिंह सजवाण के नांमाकन के साथ कांग्रेस में फूटी विद्रोह की चिंगारी नांमाकन की वापसी के दिन के आते आते ठंडी पड़ जायेगी का शोला बनकर चुनावी परिणाम को प्रभावित करेगी यह फिलहाल तो भविष्य के गर्भ मे है।

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