जंगली हाथियों के झुंड ने रौंद डाली किसानों की फसल

जंगली हाथियों के झुंड ने रौंद डाली किसानों की फसल

ऋषिकेश-श्यामपुर न्याय पँचायत की ग्राम सभा खदरी में बीती रात जँगली हाथियों के झुण्ड ने खादर में आधा दर्जन से अधिक किसानों की फसल रौंद डाली।


स्थानीय कृषक चन्द्र शेखर सिंह ने बताया कि वह रात को खेतों में पहरा देने साथियों के साथ गए थे,कोहरा होने की वजह से खेतों में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था लेकिन अचानक खेतों में कुछ आहट सुनाई दी तो उन्होंने टार्च लगाकर रोशनी की तो बाईस बीघा तोक में विनोद जुगलान,दिनेश जुगलान,सुदामा प्रसाद के खेत में जंगली हाथी चर रहे थे।उन्होंने बमुश्किल साथियों की मदद से शोर कर टार्च से रोशनी कर जंगली हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।हाथी फसल रौंदते हुए राजाजी नेशनल पार्क की सीमा में दाखिल हो गए।सुबह खेतों में जाकर देखा गया तो कई बीघा खेत जँगली हाथियों द्वारा नष्ट कर दी गयी थी।दूसरी ओर लक्कड़ घाट में लक्ष्मी प्रसाद और चंद्र प्रकाश कुकरेती की गन्ने की फसल को हाथियों ने रौंद डाला।गौरतलब है कि बीते साल वन्यजीवों से सुरक्षा को वन विभाग की ओर से लगभग एक किमी हाथी खाई खुदान कराया गया था साथ ही ढाई किमी सौर ऊर्जा बाड़ कराई गई थी लेकिन बीते अगस्त माह में आई बर्षा बाढ़ से जहाँ एक ओर खाई में मलवा भर गया वहीं दूसरी ओर सौर ऊर्जा बाड़ सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण नदी की बाढ़ में बह गई।जिससे कि वन्यजीवों के लिए खेतों में आने का रास्ता आसान होगया है।ग्रामीणों का कहना है कि फसल मुआवजे के लिए किसानों को दर दर भटकना पड़ता है।कोविड के कारण तहसील कर्मी व राजस्व के विभाग के लोग फसल नुकसान की रिपोर्ट लगाने के लिए आनाकानी करते हैं।समाजसेवी विनोद जुगलान का कहना है कि राज्य स्थापना के 21वर्ष बीत जाने के बाद भी आजतक खदरी में न वन्यजीव से फसल सुरक्षा के कोई ठोस उपाय हुए हैं न आजतक कोई सौंग नदी की बाढ़ से सुरक्षा प्रबंध ही होसके हैं।इससे खादर के किसानों को हर साल भारी मात्रा में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने वन विभाग से सौर ऊर्जा बाड़ ठीक कराने और फसल सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की मांग की है।मांग करने वालों में दिनेश जुगलान,विनोद जुगलान,प्रमोद भट्ट,सुरेंद्र प्रसाद रयाल,राजेन्द्र प्रसाद रयाल,बिन्देश्वरी देवी,मस्त राम भट्ट,रमेश रानाकोटी, आशाराम भट्ट,धर्म पाल नेगी,कुँवर पाल नेगी,बलबीर सिंह,शूरवीर सिंह,चन्दन सिंह,सुख पाल गुसाईं,बृज मोहन सिंह रावत,उपेंद्र रयाल आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: