ओमीक्रान की भेंट चढ़ गया मकर सक्रांति का पर्व!

ओमीक्रान की भेंट चढ़ गया मकर सक्रांति का पर्व!

ऋषिकेश- मकर संक्रांति का स्नान आज कोरोना के नये वेरिएंट ओमीक्रान की भेंट चड़ गया।पर्व पर प्रशासन की सख्ती के चलते हजारों श्रद्वालु गंगा स्नान ही नही गंगा दर्शन से भी वंचित रह गये।



शुक्रवार को उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए कुम्भ नगरी हरिद्वार सहित तीर्थ नगरी ऋषिकेश में सामुहिक गंगा स्नान पर पाबंदी रही। मकर संक्रांति को स्नान और दान का महा पर्व कहा जाता है।लेकिन प्रशासन की गाईडलाईन के चलते त्रिवेणी घाट पर पुलिस प्रशासन द्वारा बेरीकेट्स लगा देने की वजह से श्रद्वालु गंगा में आस्था की डुबकी लगाने से वंचित रह गये।उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान और गंगा सागर में डुबकी को लेकर शास्त्रों में बड़ी महिमा बताई गई है। कहा जाता है कि, सारे तीरथ बार-बार गंगा सागर एक बार। यानी सभी तीर्थों में बार-बार दर्शन स्नान का जो पुण्य होता है, वही पुण्य एक बार मकर संक्रांति पर गंगा सागर में स्नान करने से मिल जाता है। ऐसा माना जाता है कि गंगा सागर में मकर संक्रांति पर स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ करने के समान पुण्य प्राप्त होता है। मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान के पुण्य का वर्णन इसलिए अधिक है क्योंकि मकर संक्रांति के दिन ही गंगा सगर के पुत्रों का उद्धार करते हुए सागर में मिल गई थीं।लेकिन हिंदुओं के इस महा पर्व पर इस वर्ष भी कोरोना का साया पड़ा रहा जिसकी वजह से श्रद्वालु गंगा स्नान से वंचित रह गये।

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