पीपल के ट्रांसप्लांट की अधूरी कारवाई दे रही है हादसों को दस्तक!

पीपल के ट्रांसप्लांट की अधूरी कारवाई दे रही है हादसों को दस्तक!

ऋषिकेश-सरकारी विभागों की सुस्त कारवाई लोगों के लिए किस हद तक जी का जंजाल बन जाती है ।



यह तस्वीर देखनी हो तो ऋषिकेश के हरिद्वार मार्ग पर नजर दोड़ा लीजिए।मामला सैकड़ों वर्ष पुराने पीपल के ट्रांस्प्लांट का है।पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा के सामने तीन दिन पूर्व एनएच डोईवाला की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए पूर्व में काटे गये 17 पेड़ों में से सबसे पुरातन पीपल के पेड़ का ट्रांसप्लांट कार्य शुरू किया गया था।इसके लिए वृहस्पतिवार को पूरे लाव लश्कर के साथ जे सी बी लगाकर पेड़ के चारों तरफ खुदाई कर मलबे का पहाड़ इकठ्ठा कर दिया गया।इस दौरान घंटों तक चली जे सी बी के चलते पाईप लाईन सहित जमीन में बिछी वी आई की मोबाइल लाईन भी छति ग्रस्त हो गई।इस दौरान मौके पर मोजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा स्थानीय दुकानदार को भरोसा दिलाया गया था कि एक दिन के भीतर पेड़ टांस्पलांट कर मलबे को हटा दिया जायेगा।लेकिन तीन दिन बीतने के बावजूद स्थिती जस की तस बनी हुई है।तीर्थ नगरी के सबसे महत्वपूर्ण एवं व्यस्त मार्ग पर सड़क के एक छोर पर हुई गहरी खुदाई से हादसों की सम्भावनाएं भी उत्पन होने लगी हैं।जल्द ही पेड़ टांस्पलांट का कार्य यदि पूर्ण ना हुआ तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है।बताते चले कि वन विकास निगम की ओर से कोयलघाटी से लेकर गुरुद्वारा तक काटे जा रहे 17 पेड़ों में जो पीपल के सात पेड़ हैं उनका ट्रांसप्लांट किया जाना है। पेड़ों को दूसरी जगह शिफ्ट करने लिए एनएच डोईवाला वन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था।

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: