गंगा को विश्व धरोहर घोषित किए जाने की उठी आवाज!

गंगा को विश्व धरोहर घोषित किए जाने की उठी आवाज!

ऋषिकेश- गंगा के तटों को हरित बनाने एवं उनके निर्मल व अविरल प्रवाह की मांग को लेकर अभियान चला रहे पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल ने श्री राम तप स्थल में महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास महाराज से भेंट की ।



इस दौरान उन्होंने बताया कि उनके द्वारा विगत 35 वर्षों में गंगोत्री व उत्तरकाशी क्षेत्र में गंगा तट पर 7 वन तैयार किए गए हैं।इनमें हिमालय की सभी प्रमुख प्रजातियों के पौधे मौजूद हैं।उत्तरकाशी में वरणावत पर्वत जोकि भूस्खलन के चपेट में आ गया था, उसमें भी 7 हैकटेयर क्षेत्र में पहाड़ पर जंगल तैयार किया गया है। महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास महाराज ने ब्रह्मपुरी क्षेत्र में गंगा तट पर एक औषधीय वन तैयार करने का आह्वान किया ,जिसे पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल ने सहष स्वीकार किया। इस मौके पर तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने गंगा के प्रवाह को अविरल किए जाने पर बल दिया।उन्होंने कहा कि इस बारे में जन जागरूकता के लिए विगत कई वर्षों से वह प्रतिवर्ष पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन जनचेतना अभियान गौमुख संकल्प यात्रा के माध्यम से प्रतिवर्ष यात्रा करते हैं। ऋषिकेश के युवा समाजसेवी अभिषेक शर्मा ने आवाज उठाई की गंगा की जल धारा में सीवेज का मल जल, फैक्ट्रियों का रासायनिक दूषित कचरे पर तत्काल रोक लगाई जाए और उसमें किसी भी प्रकार का अवशिष्ट पदार्थ गिराना गैर कानूनी घोषित किया जाए। संजीवनी केयर ट्रस्ट की ओर से सचिव विनीत ने गंगा को राष्ट्रीय धरोहर एवं विश्व धरोहर घोषित किए जाने की मांग की ।इसअवसर पर महंत सीताराम दास ,महंत प्रमोद दास, शंभू प्रसाद नौटियाल ,रमाकांत भारद्वाज ,जगदीश दास, महंत चक्रपाणि दास, स्वामी अखंडानंद आदि लोग उपस्थित थे।

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