ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कर कचरा मुक्त शहर हेतु दे योगदान-स्वामी चिदानन्द

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कर कचरा मुक्त शहर हेतु दे योगदान-स्वामी चिदानन्द

ऋषिकेश- परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने देशवासियों से कचरा प्रबंधन का आह्वान करते हुये कहा कि शहरों को कचरा मुक्त करने के लिये संस्थागत तंत्र विकसित करने के साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान प्रदान करना होगा। अपनी गलियों, गावों और शहरों को स्थायी रूप से स्वच्छ रखने के लिये बच्चों को बचपन से ही संस्कारित करना होगा।


स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि कचरा मुक्त शहरों के निर्माण के लिये हमें ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन करने के साथ ही एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग बंद करना होगा। भारत में समग्र स्वच्छता विकसित करने के लिये अपशिष्ट प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण कारक है और इसके लिये एक स्मार्ट फ्रेमवर्क तैयार करना होगा तथा सभी को इसका पालन भी करना होगा। शहरों और गांवों को एक मॉडल के रूप में विकसित कर उनकी समग्र स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा। रिपोर्ट के आधार पर भारत को विश्व में सर्वाधिक कचरा उत्पन्न करने वाला राष्ट्र कहा गया है। इसलिये वर्ष 2022 में संकल्प लें कि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, भारत में प्रत्येक वर्ष उत्पादित 9.46 मिलियन टन प्लास्टिक कचरे में से 43 प्रतिशत सिंगल यूज प्लास्टिक है इसलिये कोशिश करे कि जरूरत पड़ने पर बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक को ही उपयोग में लाये।

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