दिन में चुनावी रेलियों और रात में कर्फ्यू को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश!

दिन में चुनावी रेलियों और रात में कर्फ्यू को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश!

ऋषिकेश- ओमिक्रॉन वेरिएंट के संभावित खतरे के बीच
दिन में चुनावी रेलियों की इजाजत और रात में कर्फ्यू की घोषणा को लेकर लोगों में प्रदेश सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश का माहौल है।



उत्तराखंड के शासनादेश में नाईट कफ्र्यू को लेकर लोगों ने तीखी प्रतिकियाएं दी हैं। पंजाबी महासभा के अध्यक्ष व व्यापारी नेता केके लांबा का कहना है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा की गई रात्रि कफ्र्यू की घोषणा बेहद हास्यास्पद है।एक और जहां दिन में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर ताबडतोड चुनावी रेलियां आयोजित की जा रही हैं वही दूसरी और कोरोना के नये वेरिएंट का खतरा दिखाकर पर्यटकों के मन में सरकार भय उत्पन कर रही है जिससे एक बार फिर उत्तराखंड में व्यापार के ठप्प होने की संभावनाएं उत्पन होनी शुरू हो गई हैं।युवा व्यापारी नेता हर्षित गुप्ता के अनुसार कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन और महामारी की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए सरकार को नाईट कफ्र्यू से पहले रैलियों और जनसभाओं पर रोक लगानी चाहिए थी।ट्रांसपोर्ट व्यवसायी मनमोहन सूदन का इस मसले पर कहना है कि कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर लोगों को विशेष तौर पर सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ ही उन्‍होंने सरकार व चुनाव आयोग से अपील की, कि कोविड-19 की तीसरी लहर और इसके नए वैरिएंट ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए सर्वप्रथम रैलियों व जनसभाओं पर रोक लगाई जानी चाहिए थी।

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