40 वर्षों के उपरांत देश के दो प्रमुख संतों की हुई भेंटवार्ता

40 वर्षों के उपरांत देश के दो प्रमुख संतों की हुई भेंटवार्ता

ऋषिकेश- परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द महाराज और रामसनेही धर्माचार्य रायण अर्वाचीन पीठ संस्थान पुष्कर के अधिष्ठाता स्वामी भगवानदास शास्त्री महाराज की 40 वर्षों के बाद परमार्थ निकेतन में भेंटवार्ता हुई। दोनों संतों ने पर्यावरण व नदियों के संरक्षण, ऋषिकेश की स्वच्छता व दिव्यता, वृक्षारोपण, योग नगरी ऋषिकेश और माँ गंगा की पवित्रता को बनाये रखने के लिये संतों के योगदान के विषय में विशद चर्चा की।



स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने माँ गंगा और अन्य नदियों के किनारों पर वृक्षारोपण के विषय में चर्चा करते हुये कहा कि जहाँ वन होते हैं, वहाँ वर्षा अधिक होती है, जिससे नदियों का जलस्तर भी बढ़ जाता है। वर्तमान समय में देखे तो देश की अनेक नदियाँ मृत हो रही है उन्हें पुनः जीवित करने के लिये वृक्षारोपण वृहद स्तर पर करना होगा।रामसनेही धर्माचार्य रायण अर्वाचीन पीठ संस्थान पुष्कर के अधिष्ठाता स्वामी भगवानदास शास्त्री महाराज ने कहा कि पूज्य स्वामी चिदानंद महाराज से 40 वर्षो बाद मिलकर एक दिव्य अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि स्वामी चिदानंद नदियों और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अद्भुत कार्य कर रहे है वास्तव में यही वसुधैवकुटुम्कम् का मूल मंत्र भी है।

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