जिलाधिकारी ने दिए स्मृतिवन में शौचालय शीघ्र बनवाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने दिए स्मृतिवन में शौचालय शीघ्र बनवाने के निर्देश

ऋषिकेश- केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण नमामि गंगे योजना के कार्यों की समीक्षा के लिए गठित जिला गंगा सुरक्षा समिति की पचासवीं पाक्षिक बैठक में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रान्त पर्यावरण प्रमुख और गंगा सुरक्षा समिति के नामित सदस्य पर्यावरणविद विनोद जुगलान ने कार्यों की धीमी गति की शिकायत समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी देहरादून डॉ आर राजेश कुमार से करते हुए असंतोष जताया।उन्होंने कहा कि ऋषिकेश क्षेत्र में मृत पशुओं के निस्तारण का मामला पिछले एक वर्ष से लम्बित है।आवारा और मृत पशुओं की दिशा में उचित प्रबंध न होने से न केवल स्थानीय जनता त्रस्त है बल्कि मृत पशुओं के अवशेष सहायक नदियों के माध्यम से गंगा में मिल रहे हैं जिससे गंगा प्रति आस्था रखने वालों की भावनाएं आहत हो रही हैं।जुगलान ने खदरी के खादर क्षेत्र में अगस्त माह में आई बाढ़ से हुए नुकसान से जिलाधिकारी को अवगत करते हुए बताया कि यहाँ हर साल कई बीघा भूमि सौंग नदी में समा रही है,लेकिन सम्बन्धित सिंचाई विभाग बड़ी योजनाएं बनाकर साशन को भेज रहे हैं,जिन पर स्वीकृति मिलना आसान नहीं होता है।परिणाम स्वरूप स्थानीय किसानों की भूमिधरी की भूमि सहित पँचायत भूमि नदी की चपेट में आजाती है।जबकि छोटे छोटे प्रस्तावों को स्वीकृति जल्दी मिल जाती है साथ ही फौरी तौर पर आपदा से राहत मिल सकती है।लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी वर्षों से लम्बित केंद्रीय जल आयोग को भेजे गए करोड़ों के प्रस्ताव की बात कर टालमटोल कर रहे हैं।



जिलाधिकारी देहरादून ने समिति के सदस्य द्वारा उठाये गए मामलों का त्वरित संज्ञान लेते हुए नाराजगी जताई और सम्बन्धित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि बैठक में सम्मिलत होने वाले सभी अधिकारी वर्क आउट करके आएं और अपने विभाग से सम्बंधित समस्याओं का तुरंत निस्तारण करें।यदि समस्या के निस्तारण के लिए स्वयं सक्षम नहीं हैं तो मामले को लम्बित न करके संज्ञान में लाएं।डीएम देहरादून ने कहा कि प्रथम चरण में नगर निगम क्षेत्र में मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था प्रभावी किया जाए।जिसके लिए नगर निगम ऋषिकेश और नगर निगम देहरादून आपस में समन्वय स्थापित करेंगे।जिलाधिकारी ने खदरी के खादर क्षेत्र में सौंग नदी की बाढ़ से इस साल हुए नुकसान वाले संवेदनशील स्थान पर मनरेगा में शामिल कर त्वरित सुरक्षा प्रबन्धन के भी निर्देश दिए।उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ बड़े सुरक्षा प्रबंधों की आवश्यकता है उसके लिए सिंचाई विभाग नाबार्ड के तहत सुरक्षा कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रेषित करें।लाल पानी वन बीट स्थित अठूर भागीरथी स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित स्मृतिवन ऋषिकेश में प्रस्तावित शौचालय निर्माण के लिए जिलाधिकारी ने वन विभाग सहित नगर निगम ऋषिकेश को समन्वय स्थापित कर शीघ्र शौचालय निर्माण कराने के निर्देश दिए।नगर निगम ऋषिकेश के सहायक अभियंता (निर्माण) आनंद सिंह मिश्रवाण ने बताया कि टीएचडीसी ऋषिकेश की ओर से सीएसआर के तहत प्रिफेब्रिकेटेड शौचालय निर्माण की व्यवस्था की जा रही है।स्मृतिवन में शीघ्र ही शौचालय निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी निकिता खण्डेलवाल, जिलाविकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल,पेयजल संस्थान ऋषिकेश अनुरक्षण एवं निर्माण इकाई (गंगा) के परियोजना प्रबन्धक आर के सिंह, जल संस्थान ऋषिकेश के उपखण्ड अधिकारी हरीश बन्सल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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