विधानसभा अध्यक्ष और मेयर की खेमेबाजी का शिकार हुए नामित पार्षद!

विधानसभा अध्यक्ष और मेयर की खेमेबाजी का शिकार हुए नामित पार्षद!

दंतविहीन शेर नजर आ रहे हैं नामित पार्षद

अमित सूरी

ऋषिकेश-नगर निगम में शासन द्वारा नामित पार्षदों का आज एक वर्ष पूर्ण हो गया।इस एक वर्ष में नामित पार्षदों के रिपोर्ट कार्ड पर नजर दौड़ाएं तो परिणाम कोई उत्साहजनक नही रहे हैं।इन पार्षदों को कभी भी मेयर या विधानसभा अध्यक्ष के प्रोग्राम में एक साथ कभी नही देखा गया हैं।अगर इन्हें दंतविहीन शेर की संज्ञा दी जाये तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी।आने वाले चुनाव में इनका रुख किस करवट बेठेगा इस पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं।


शहर में विकास कार्यों को गति देने एवं जनसमस्याओं के निराकरण के बजाए अधिकांश नामित पार्षद सिर्फ व्यक्ति विशेष की परिक्रमा तक ही खुद को सीमित रखते हुए देंखे गये हैं।जबकि सभी नामित पार्षद भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ता हैंं।माना जा रहा था कि उनके मनोनयन से भाजपा पार्षद दल की ताकत बढ़ेगी। इससे नगर निगम में शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी। उल्लेखनीय है कि लम्बी जद्दोजहद के बाद पिछले वर्ष जब नामित पार्षद प्रमोद शर्मा, प्रदीप कोहली, संजीव पाल,ऋषिकांत गुप्ता, राजू नरसिम्हा, कमलेश जैन,अनिता प्रधान एवं कमला गुनसोला ने बोर्ड की विशेष बैठक में शपथ ली थी तो कयास लगाये जा रहे थे कि नगर निगम में सरकार की ओर से मनोनीत किए गए पार्षद नगर के विकास की योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे।लेकिन ऐसा हो न सका ।बता देंं कि ऋषिकेश मेें भाजपा की गुटबाजी किसी से छिपी नही है।यहां भाजपा के यूं तो कई धड़े हैं लेकिन ज्यादातर भाजपा कार्यकर्ता विधानसभा अध्यक्ष और मेयर कैम्प के बीच ही बटे हुए नजर आते हैं।इसका बड़ा कारण मिशन 2022 के लिए टिकट की जंग है जिसमें ऋषिकेश विधानसभा से जीत की हैट्रिक लगा चुुके प्रेमचंद अग्रवाल जहां विजयी चौका लगाने की फिराक में हैं वही मेयर अनिता ममगाई अपनी जबरदस्त सक्रियता के चलते भाजपा के टिकट की बड़ी दावेदार के रूप में उभरी हैं।इन सबके बीच इन आठों नामित पार्षदों का रूख आने वाले विधानसभा चुनाव में किस करवट बेठेगा यह अभी भविष्य के गर्भ में छिपा है।

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: