ग्रामीणों की सजगता से बची घायल चील की जान!

ग्रामीणों की सजगता से बची घायल चील की जान!

ऋषिकेश-बढ़ते हुए भौतिकवाद में जहाँ हम विकास से आसमान छू रहे हैं,वहीं दूसरी ओर अपने पंखों से आसमान की ऊचाईयों को छूने वाले परिंदों का जीवन संकट में पड़ रहा है।हालांंकि जैवविविधता के मामले में उत्तराखंड अन्य राज्यों से अधिक सम्पन्न है।फिर भी यहांं आये दिन वन्यजीवों और वन्य पक्षियों के हादसे में घायल होने या मानव संघर्ष के समाचार मिल जाते हैं।


आज सुबह ग्राम सभा खदरी खड़क माफ के वार्ड नम्बर 6 में एक चील बिजली के खम्बे पर पतंग के चाइनीज माँजे (पतंग की कृत्रिम डोर) से लिपट कर घायल हो गया।स्थानीय निवासी भगवती प्रसाद रयाल ने इस आशय की सूचना शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रांत पर्यावरण प्रमुख पर्यावरणविद विनोद जुगलान को दी।उन्होंने तत्काल घायल चील को रेस्क्यू कर वनक्षेत्राधिकारी ऋषिकेश एम एस रावत को सूचना दी।सूचना पर वन रेस्क्यू टीम के वनकर्मी कमल सिंह राजपूत चील को प्राप्त कर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए रेन्ज कार्यालय ले गये।मौके पर स्थानीय निवासी भगवती प्रसाद रयाल,हरि सिंह ,राम प्रसाद, वन दरोगा एस डी कंडवाल,वनबीट अधिकारी राजेश बहुगुणा,अमृतम जुगलान प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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