भारतीय पर्यटकों के भरोसे तीर्थ नगरी का पर्यटन कारोबार!

भारतीय पर्यटकों के भरोसे तीर्थ नगरी का पर्यटन कारोबार!

ऋषिकेश-योग की इंटरनेशनल राजधानी माने जाने वाली तीर्थ नगरी ऋषिकेश में पर्यटन कारोबार केवल भारतीय पर्यटकों के भरोसे है। अक्टूबर से पर्यटन सीजन की शुरुआत हो जाएगी, लेकिन सरकार ने इंटरनेशनल फ्लाइट व टूरिस्ट वीजा सर्विस की शुरुआत पर रुख स्पष्ट नहीं किया है। इससे पर्यटन कारोबारियों को सीजन खराब होने की चिता सता रही है।



अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेश में अक्टूबर से मार्च तक पर्यटन सीजन रहता है। पिछले दो साल से कोरोना वायरस के संक्रमण की भेंट पर्यटन सीजन चढ़ रहा है। मार्च, 2020 से इंटरनेशनल फ्लाइट व टूरिस्ट वीजा सर्विस पर लागू रोक अभी भी बरकरार है। इससे सहासिक खेलों के हब माने जाने वाले ऋषिकेश का पर्यटन कारोबार पूरी तरह भारतीय पर्यटकों के भरोसे है। फिलहाल अभी यहां उत्तराखंड के सटे राज्यों से ही पर्यटक वीकेंड में शनिवार व रविवार को पहुंच रहे हैं।जबकि पूर्व के वर्षों में सितम्बर माह में यहां का पर्यटन कारोबार तकरीबन चालीस से पचास फीसदी तक विदेशी पर्यटकों की वजह से चलता था। लेकिन इंटरनेशनल फ्लाइट व टूरिस्ट वीजा सर्विस पर रोक के चलते वो यहां नहीं आ पा रहे हैं। होटल इंडस्ट्रीज से जुड़े मानव जौहर व विजय गुल्हाटी का कहना है कि इन दिनों दिल्ली बेस्ड पर्यटक ऋषिकेश अधिक आ रहे हैं। वह वीकेंड मनाकर वापस चले जाते हैं। जब तक विदेशी पर्यटकों का आना शुरू नहीं होगा, तब तक उत्तराखंड का पर्यटन कारोबार उबर नहीं सकेगा।उन्होंने बताया विंटर सीजन में पर्यटन कारोबार पूरी तरहविदेशी पर्यटकों पर ही निर्भर है। कारोबार को उबारने के लिए जरूरी है कि सरकार विदेशी पर्यटकों को आने की अनुमति प्रदान करे।

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