उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने का रोड़ मैप तैयार कर कर्नल कोठियाल ने रायशुमारी के लिए संतों से की मुलाकात

उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने का रोड़ मैप तैयार कर कर्नल कोठियाल ने रायशुमारी के लिए संतों से की मुलाकात

ऋषिकेश- आम आदमी पार्टी ने उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने का रोड़ मैप तैयार कर लिया है।इस परर रायशुमारी के लिए पार्टी के सीएम फेस रिटार्यड कर्नल अजय कोठियाल ने पार्टी के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ संतों, महंतों और महामंडलेश्वरों से मुलाकात की।इस मौके पर कर्नल कोठियाल ने बताया कि देवभूमि उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए फुल प्रूफ प्लान तैयार है।इसके लिए वर्कआउट शुरू कर दिया गया है।पार्टी ने वेबसाइट लॉन्च करते हुए अब लोगों से इसमें रजिस्ट्रेशन करने की अपील भी की है।उन्होंने संत समाज को बताया पार्टी का मकसद अध्यात्म से जोड़कर लोगों को रोजगार दिलाना है।



कोठियाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड पूरे विश्व में धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है।आप के सुप्रीमो दिल्ली के सी एम अरविंद केजरीवाल ने देवभूमि उत्तराखंड को पूरे विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की बात कही थी, अब उसे पूरा करने का समय आ चुका है।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य में बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के अलावा कुंभ नगरी हरिद्वार, प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां धारी देवी मंदिर, पाताल भुवनेश्वर मंदिर, गोलू देवता, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, गोपीनाथ, जोशीमठ में नरसिंह भगवान का मंदिर, महासू देवता, बाबा विश्वनाथ मंदिर समेत कई तीर्थस्थल ऐसे हैं, जिनका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है।गंगा और यमुना का उद्गम उत्तराखंड से ही होता है और प्रसिद्ध योगनगरी ऋषिकेश भी उत्तराखंड में ही है।उन्होंने कहा कि राजा भरत की जन्मस्थली कण्वाश्रम भी इसी उत्तराखंड के कोटद्वार में है।यानी पूरा उत्तराखंड धर्म और अध्यात्म का जीवंत प्रमाण है, जिससे कोई भी अनभिज्ञ नहीं है। आध्यात्मिक राजधानी के संकल्प का मतलब इन समस्त धार्मिक स्थलों में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करना है, ताकि यहां आनेवाले श्रद्धालुओं को तमाम सुविधाएं मिल सकें और वे बार-बार उत्तराखंड आते रहें।इससे जहां एक ओर उत्तराखंड की ख्याति पूरे विश्व में बढ़ेगी, वहीं रोजगार के भी कई अवसर पैदा होंगे।जिसका लाभ स्थानीय युवकों को मिलेगा।इससेे पूर्व कर्नल कोठियाल ने विश्व प्रसिद्ध भारतमाता मंदिर के दर्शन किए।इसकेे प्रश्चात उन्होंने नरसिंह देवता मंदिर में माथा टेक महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज से आश्रीवाद लिया।उसके बाद कनखल स्तिथ श्री जगतगुरु आश्रम जाकर जगतगुरु शंकराचार्य राजराजेश्वर महाराज से आश्रीवाद लिया ।ततपश्चात वह दक्षिण कालेश्वर मंदिर पहुँचे जहां उन्होंने निरंजनी अखाड़े के आचार्य कैलाशानंद महाराज से भेंटकर आश्रीवाद लिया।इस मौके पर उत्तराखंड सह प्रभारी राजीव चौधरी, चुनाव केपेनिंग प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाली, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी मोजूद रहे।

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