भक्ति करें तो भक्त प्रह्लाद की तरह-भरत किशोर महाराज

भक्ति करें तो भक्त प्रह्लाद की तरह-भरत किशोर महाराज

ऋषिकेश- भगवान की अगर भक्ति करनी है तो भक्त प्रह्लाद की तरह करो जो असुरों के साथ रहकर भी भगवान को नहींं भूला और उसकी निष्पक्ष भक्ति भगवान को अवतार लेने पर विवश कर गयी। प्रह्लाद की तरह भगवान पर विश्वास रखो तो चाहे जितनी भी होलिका रुपी कठिनाइयां आये, कष्टों की आग भी आपको भस्म नहीं कर पाएगी और आप कष्टों की आग से सकुशल निकल कर सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर पाएंगे।



ये कहना था आर्दश ग्राम में पंवार परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान में कथा कर रहे रस मर्मज्ञ भरत किशोर महाराज का ।उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा में तीसरे दिन शनिवार को जड़भरत चरित्र एवं नरसिंह अवतार कथा संवाद का वर्णन किया। कथावचन मेंं राधे-श्याम के भजनोंं से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।महाराज श्री ने जड़ भरत की कहानी सुनाते हुए कहा कि संसार के सभी रिश्ते स्वार्थ के हैं, हर रिश्ते को निभाने में स्वार्थ छुपा है। सिर्फ पति-पत्नी का रिश्ता ऐसा है जिसमेंं स्वार्थ नहींं होता इसीलिए पति-पत्नि रुपी गाड़ी के दोनों पहिये एक दूसरे के पूरक हैं ।महिलाओंं को अपने साथ-साथ पति को भी भक्ति मार्ग पर ले जाकर भवसागर पार करना चाहिए।कथा के समापन पर आयोजक परिवार के भरत सिंह पंवार,संजय पंवार,अजय पंवार द्वारा कथा श्रवण करने पहुंचे सभी भक्तों को बेहद प्रेमपूर्वक प्रभु प्रसाद वितरित किया गया।

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