अक्षर ज्ञान के साथ पर्यावरण संरक्षण का ज्ञान भी जरूरी- स्वामी चिदानन्द

अक्षर ज्ञान के साथ पर्यावरण संरक्षण का ज्ञान भी जरूरी- स्वामी चिदानन्द

ऋषिकेश-विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि साक्षर होना समाज के हर वर्ग और हर व्यक्ति के लिये आवश्यक है। साक्षरता से तात्पर्य केवल अक्षर ज्ञान से नहीं बल्कि साक्षर होने का मतलब हम अपने और अपने परिवेश के बारे में भी जागरूक रहना है। बच्चों को अक्षर ज्ञान के साथ पर्यावरण संरक्षण का ज्ञान होना भी अत्यंत आवश्यक है। बच्चों को स्वच्छता, स्वच्छ परिवेश, जल राशियों को स्वच्छ रखना और अपने कचरे का सही निस्तारण के बारे में जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है।


स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में साक्षरता के मापदंड में परिवर्तन करना आवश्यक है। जनसमुदाय को साक्षरता के साथ बढ़ रहे प्रदूषण और बढ़ती जनसंख्या के बारे में भी साक्षर करना अर्थात् जागरूक करना आवश्यक है। साक्षरता से जनमानस में नवीन चेतना का संचार होता है। व्यक्ति केवल अपने बारे में नहीं बल्कि समाज के बारे में, अपने आस-पास, प्रकृति एवं पर्यावरण के बारे में भी सोचने लगता है और यही भाव आज की युवा पीढ़ी में जाग्रत करना होगा।

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