बेजुबानों के प्रति प्रेम की मिसाल बने प्रदीप कोहली!

बेजुबानों के प्रति प्रेम की मिसाल बने प्रदीप कोहली!

ऋषिकेश- मन में सेवा का भाव हो तो कुछ भी काम कठिन नहीं।बात फिर चाहे बेजुबानों के लिए रोज भोजन का प्रबंध करने की ही क्यूं ना हो।लेकिन विडंबना यह भी है कि बेजुबान जानवरों एवं पशु पक्षियों के प्रति सेवा भाव विरलों में ही मिलता है।तीर्थ नगरी ऋषिकेश की बात करें तो देवभूमि में अनेंको लोग ऐसे हैं जिनके दिन की शुरुआत ही पशु पक्षियों को भोजन कराने से होती है।


अस्सी के दशक में बाल क्लब की रामलीला में श्रीराम का जीवंत अभिनय करने वाले प्रदीप कोहली भी उन पशु प्रेमियों में शामिल हैं जब तक वह बेजुबानों को भोजन ना करा दें उनकी दिनचर्या शुरू नही होती।वह वर्षों से सुबह सवेरे अपने घर की छत पर कौवों को नमकीन डालकर उन्हें भोजन कराते हैं।वृहस्पतिवार को देहरादून मार्ग पर जंगलात बेरियर के समीप जाकर बंदरों को चने एवं केले खिलाना भी उनकी आदत बन चुका है।इसमें ही उन्हें सच्ची खुशी और आनंद मिलता है।प्रदीप कोहली की मानें तो बिगड़ रहे पर्यावरण की मार पशु पक्षियों के साथ
कौओं पर भी पड़ी रही है। स्थिति यह है कि श्राद्ध में हर वर्ष अनुष्ठान पूरा करने के लिए कौए तलाशने से भी नहीं मिलते।जबकि हमारे देश में पितर पक्षों में पूर्वजों की याद में हर साल पितरों को खाना खिलाने के तौर पर सबसे पहले कौओं को खाना खिलाया जाता है।उनका कहना है कि गरीब और असहाय लोगों को तो भोजन धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाए मुहैया करा देती हैं लेकिन बेजुबानों की तरफ कम ही लोगों का ध्यान जाता है। इन बेजुबान जानवरों की मदद के लिए भी सरकारों या एनजीओ से जुड़े लोगों को जरूर आगे आना चाहिए।

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