घटता जल का स्तर एक वैश्विक समस्या- स्वामी चिदानन्द सरस्वती

घटता जल का स्तर एक वैश्विक समस्या- स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश-इस्राइल दूतावास प्रभारी रोनी येडिडिया-क्लेन और उनके पति, ज्योफ परमार्थ निकेतन से विदा हुये। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज, रोनी येडिडिया और ज्योफ ने दुनिया की सबसे मूल्यवान वाटर तकनीक, ड्रिप वाटर, रिवुलिस इन्डिया और डॉ. आसफ जो कि भूजल जल विज्ञान, पर्यावरण निगरानी, सतही जल और वाटरशेड प्रबंधन आदि के विशेषज्ञ हैं उनकी तकनीक पर भी चर्चा की।



स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि घटता जल का स्तर एक वैश्विक समस्या है, जिसके लिये दुनिया के सभी राष्ट्रों को एक साथ आना होगा तथा मिलकर कार्य करना होगा। यह समय जल संरक्षण के लिये हर व्यक्ति को जागरूक होने का है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एवं पुनर्चक्रण के मामलों में इजराइल एक अति उन्नत देश है। वहां पर पानी की कमी के कारण सिंचाई के लिये ड्रिप इरिगेशन पद्धति का उपयोग होता है। बागवानी, खेती, नर्सरी प्रबंधन एवं सिंचाई के लिये इजराइली प्रौद्योगिकी से भारत को भी काफी लाभ हो सकता है। कहा कि, भारत के पास जल की पर्याप्त उपलब्धता है परन्तु हमें सिंचाई के लिये जल के प्रबंधन के बेहतर तरीकों को अपनाना होगा। जिसप्रकार इजराइल में कृषि, उद्योग, सिंचाई आदि के लिये पुनर्चक्रित जल का उपयोग किया जाता है वैसे ही प्रतिबद्धता के साथ भारत को भी इस ओर विचार करने की जरूरत है। अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग, जल संरक्षण के तरीकों व जल संसाधन प्रबंधन पुनर्चक्रित जल के उपयोग से काफी हद तक जल की कमी को कम किया जा सकता है।

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