महाविद्यालय के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी के अन्तिम वर्ष के छात्र लेंगें एम्स ऋषिकेश में 6 माह का प्रशिक्षण

महाविद्यालय के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी के अन्तिम वर्ष के छात्र लेंगें एम्स ऋषिकेश में 6 माह का प्रशिक्षण

ऋषिकेश-श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऋषिकेश) के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग के बी एम एल टी अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं का आज से 6 माह के लिए क्लीनिकल प्रशिक्षण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, (एम्स) ऋषिकेश में प्रारम्भ हो गया।गौरतलब है कि वर्ष 2017 में एम्स ऋषिकेश व राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऋषिकेश के मध्य एक समझौता हस्ताक्षर हुआ, जिसमे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऋषिकेश बी एम एल टी के छात्रों हेतु अनिवार्य 6 माह के हॉस्पिटल प्रशिक्षण का करार हुआ था।


मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग के समन्वयक प्रो गुलशन कुमार ढींगरा ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष प्रशिक्षण देरी से प्रारंभ हुआ, जिसमे एम्स, ऋषिकेश के निदेशक पद्मश्री प्रो रविकांत के सकारात्मक सहयोग के फलस्वरूप यह 6 माह का क्लीनिक प्रशिक्षण प्रारंभ हो रहा है, जिसमे छात्र विश्वस्तरीय पैथोलोजिकल तकनीकियों के बारे प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।एम्स, ऋषिकेश के डीन, परा-चिकित्सा विज्ञान, प्रो शैलेन्द्र हांडू ने बताया कि इन 6 माह में प्रशिक्षु छात्र पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, ब्लड बैंक, सैंपल कलेक्शन आदि विभागों में उच्चस्तरीय जांच तकनीकियों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।एम्स, ऋषिकेश के डीन, शैक्षिक प्रो मनोज गुप्ता ने कहा कि छात्र अनुशासित रह कर अपना प्रशिक्षण प्राप्त करे, व एम्स के सभी नियमो का पालन करें।महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो पंकज पंत ने प्रशिक्षु छात्रों को सफल प्रशिक्षण हेतु अग्रिम शुभकामनाएं दी व कहा कि एम्स जैसे विश्वस्तरीय संस्थान में छात्रों को ट्रेनिंग करने का मौका मिला रहा है जो कि उनके भविष्य में बहुत सार्थक सिद्ध होगा।
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो पी पी ध्यानी व हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो हेम चन्द्र ने प्रशिक्षु छात्रों को शुभकामनाएं प्रेषित कर अपना आशीष वचन दिया।सभी प्रशिक्षु छात्रों को विभाग के संकाय सदस्य सफ़िया हसन व अर्जुन पालीवाल के नेतृत्व में एम्स ऋषिकेश की कोविड ओपीडी में स्क्रीनिंग कर संबंधित विभागों में भेजा गया है।

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