व्हाट्सएप यूजर्स को लाटरी के नाम पर साइबर ठगी से बचाने के लिए कोतवाली पुलिस ने चलाया सर्तकता अभियान!

व्हाट्सएप यूजर्स को लाटरी के नाम पर साइबर ठगी से बचाने के लिए कोतवाली पुलिस ने चलाया सर्तकता अभियान!

ऋषिकेश- आपके फोन पर वाट्सएप की ओर से लाटरी लगने का हवाला देकर कोई आडियो वाट्सएप पर मैसेज के रूप में आए तो सावधान हो जाइए। अब ठगों ने वाट्सएप का हवाला देकर कुछ ऐसा ही ठगी का नया फार्मूला निकाला है। उनके द्वारा वाट्सएप पर आडियो भेजकर लाटरी के नाम पर जानकारी दी जा रही है।साथ ही वाट्सएप के आइकान के साथ डिजिटल पोस्टर भी भेजा जा रहा है। इसे देखकर आप भी धोखा खा सकते हैं, पर ठगों का यह नया तरीका है।



इसके लिए ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने सतर्कता दिखाई है। पुलिस प्रशासन की और से लोटरी के नाम साइबर अपराध से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मोबाइल के इस युग में साइबर अफराध के नए-नए तरीके अपराधियों द्वारा इजाद किए जा रहे हैं। साइबर अपराधी इंटरनेट के माध्यम से ठगी करने में सक्रिय हैं। इंटरनेट पर लाटरी स्कैम नया नहीं है। इंटरनेट यूजर की बैंक डिटेल हासिल करने का तरीका बहुत पुराना है। साइबर अपराधी इंटरनेट और स्मार्टफोन यूजर को धोखाधड़ी का शिकार बनाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। नये सामने आए मामलों में ठग खुद को वाट्सएप के हेड आफिस न्यू दिल्ली से बोलने की बात कहते हुए आगे बताते हैं कि इंटरनेशनल लक्की ड्रा इंडिया, नेपाल, दुबई व सउदी अरब के सभी वाट्सएप नंबर को इस लक्की ड्रा में शामिल किया गया था। इसमें उनका नंबर पहले नंबर पर आया है और उनके नंबर पर 25 लाख रुपये का प्राइज लगा है।इस प्राइज को उन लोगों ने मुंबई के एसबीआइ बैंक में भेज दिया है। उनके बैंक मैनेजर से संपर्क कर उन्हें बताएं कि उनका 25 लाख का लक्की ड्रा लगा है, तब वे उक्त रकम को प्राइज विजेता के एकाउंट में भेजने का तरीका बताएंगे। वाइस मैसेज में फोन करने को मना किया गया है। सिर्फ वाट्सएप द्वारा ही बात करने को कहा जा रहा है, क्योंकि 25 लाख का इनाम तो वाट्सएप पर ही लगा है। मुंबई के बैंक मैनेजर के मोबाइल नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर उसे वाइस काल करने को कहा जा रहा है। कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ठग नया-नया तरीका अपना कर लोगों को अपने झांसे में लेते हैं। इसमें वह बड़ी-बड़ी कंपनी के अलावा केबीसी में लकी ड्रा निकलने के नाम पर ठगी करते हैं। वाट्सएप पर काल करने के लिए इसलिए कहा जाता है कि अगर कोई इसकी शिकायत भी करे तो उस नंबर को ट्रेस न किया जा सके।

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