गंगा के रोद्र रूप को निहार मनाया गंगा दशहरा पर्व!

गंगा के रोद्र रूप को निहार मनाया गंगा दशहरा पर्व!

ऋषिकेश- गंगा के रोद्र रूप को दूर से निहार कर ही देवभूमि ऋषिकेश में गंगा दशहरा पर्व पर मना लिया गया।पहाडों में मूसलाधार बारिश की वजह से गंगा यहां डेजर लेवल पर प्रंचड वेग से बह रही है।उसपर कोविड 19 में गंगा दशहरा पर्व पर शासन या प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की कोई अतिक्ति छूट लॉकडाउन के नियमों के अनुपालन में नहीं दी गई है।नतीजतन, गंगा नगरी में अधिकांश श्रद्वालु गंगा दशहरा पर्व पर गंगा की डुबकी तो छोड़िए गंगा दर्शंन से भी वंचित रह गये।


उल्लेखनीय है कि हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का त्योहार काफी महत्व रखता है।गंगा दशहरा यानी मां गंगा के स्वर्ग से धरती पर आने का दिन। शास्त्रों के अनुसार, गंगा दशहरा पर मां गंगा की पूजा करने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है. इस पावन मौके पर पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाने में मनुष्यों को पाप से मुक्ति मिल जाती है।लेकिन कोरोना के कहर और बादलों के चीना चीरकर पिछले 72 घंटों से जमकर बरसने की वजह से तीर्थ नगरी ऋषिकेश में गंगा खतरे के निशान को पार गई है।इन सबके बीच रविवार को भी पौ फटने के साथ बारिश का दौर जारी रहा।जिसकी वजह से श्रद्वालु घरों में ही सिमटे रहे और गंगा दर्शन से भी वंचित रह गये।अलबत्ता कुछ श्रद्वालु जरूर आस्थापथ पर जाकर दूर से ही गंगा दर्शन करते नजर आये।

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