कोरोना की तीसरी लहर रोकना सबकी व्यक्तिगत व नैतिक जिम्मेदारी- डॉ विजय धस्माना

कोरोना की तीसरी लहर रोकना सबकी व्यक्तिगत व नैतिक जिम्मेदारी- डॉ विजय धस्माना

ऋषिकेश- कोरोना की दूसरी लहर मंद पड़ने लगी है, अब तीसरी संभावित लहर का सामना करने के लिए हिमालयन हॉस्पिटल जॉलीग्रांट में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। तीसरी लहर का सामना करने के लिए हॉस्पिटल में टास्क फोर्स का गठन किया गया। कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा की कोरोना की तीसरी लहर को रोकना बहुत आवश्यक है और इसे तभी रोका जा सकता है, जब हम सभी जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करेंगे।
कुलपति डॉ विजय धस्माना ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए यह भी जरूरी है कि 60 से 70 फीसदी जनता का वैक्सिनेशन हो जाए। इसलिए सबसे अनुरोध है कि वैक्सीन अवश्य लगाएं।


कुलपति डॉ विजय धस्माना ने कहा कि कोरोना की पहली लहर से जब हम अंजान थे, तब भी हम इससे करीब–करीब उभर गए थे। लेकिन, कोविड नियमों को लेकर आम-जनता की लापरवाही ने दूसरी लहर में पहले से भी बुरी स्थिति में पहुंचा दिया। बमुश्किल अब हम इससे फिर उभर रहे हैं। दुखद पहलू यह है कि दूसरी लहर से पार पाने में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया।कुलपति डॉ विजय धस्माना ने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर की आशंका बच्चों के लिए खतरनाक जताई जा रही है। हिमालयन हॉस्पिटल में इसका सामना करने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है। कोविड हॉस्पिटल में नियोनेटल, बाल रोग विभाग, नर्सिंग, इंफेक्शन कंट्रोल समेत अन्य मेडिकल स्टाफ की एक टास्क फोर्स बनाई गई। इसके अलावा कोविड हॉस्पिटल में कोविड डेडिकेटेड एनआईसीयू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) व पीआईसीयू (पीडियाट्रिक आईसीयू) सहित एक बाल रोग वॉर्ड तैयार तैयार किया जा रहा है।

ब्लैक फंगस के रोगियों का भी उपचार

कुलपति डॉ विजय धस्माना ने बताया कि हिमालयन हॉस्पिटल जॉलीग्रांट में ब्लैक फंगस से संक्रमित रोगियों का उपचार भी हो रहा है। हिमालयन हॉस्पिटल में रोजाना करीब 3 से 4 ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश व पंजाब से अब तक 31 रोगी उपचार के लिए आ चुके हैं। वहीं, हॉस्पिटल में उपचार के बाद स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने वाले रोगियों की संख्या बढ़कर 08 हो गई है।
कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने बताया कि कोविड रोगियों के अलावा अन्य रोगियों के लिए हिमालयन हॉस्पिटल के मुख्य भवन में ही ओपीडी व आईपीडी स्वास्थ्य सेवा सामान्य रुप से काम कर रहे हैं। हॉस्पिटल में गंभीर रोगियों के उपचार के लिए सर्जरी (ऑपरेशन) भी शुरू कर दी गई हैं।

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