टूटने लगा है व्यापारियों के सब्र का बांध!

टूटने लगा है व्यापारियों के सब्र का बांध!

ऋषिकेश-कोराना संकटकाल की मार झेल झेलकर देशभर के व्यापारियों का बुरा हाल हो रखा है। उत्तराखंड में भी व्यापारिक गतिविधियां ठप्प हैं। कोरोना की दूसरी लहर को थामने में नाकाम रही प्रदेश सरकार वैश्विक महामारी से बचाव के नाम पर लगातार कोविड कर्फ्यू को आगे बड़ाकर अपनी नाकामियों को ढकने का प्रयास कर रही है जिसकी सीधे सीधे मार व्यापारियों को झेलनी पड़ रही है। आलम यह है कि देश के आर्थिक तंत्र की रीढ़ माने जाने वाला व्यापारी ही अब कर्जदार होकर आर्थिक बदहाली की और बढने लगा है।




इस गंभीर मुद्दे पर शहर के व्यापारियों का एक स्वर में कहना है कि उत्तराखंड की तीरथ रावत सरकार को व्यापारियों की सुध लेते हुए कोविड-कर्फ्यू को समाप्त कर तमाम व्यापारियों के लिए समय निर्धारित कर व्यापार करने की छूट दे देनी चाहिए। प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की ऋषिकेश शाखा के अध्यक्ष पंकज गुप्ता का कहना है कि अगले 3 माह तक सरकार को सभी तरह के व्यापारियों के लिए करीब 6 घंटों के लिए समय निर्धारित कर व्यापार की छूट देनी चाहिए। जल्द ही यदि सरकार द्वारा इस तरह का कदम नहीं उठाए गए तो उत्तराखंड में व्यापार को पटरी पर लाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। ऋषिकेेश ज्वेलर्स ऐसोसिएशन के अध्यक्ष यशपाल पंवार ने कहा कि सरकार पिछले एक माह से बार बार कोरोना कफ्र्यू को आगे बढ़ा रही है ,व्यापारियों को समझ नहीं आ रहा कि उनका भविष्य क्या होगा।उन्होंने कहा कि लगातार दूसरा साल है जब दुकानदार अभूतपूर्व तालाबंदी का सामना कर रहे हैं। कोरोना के चलते पिछले वर्ष जहां कई माह प्रतिष्ठान बंद थे, वहीं इस वर्ष भी बाजार और दुकानें बंद हुए एक माह से ज्यादा का समय हो चुका है। कोरोना ने व्यापारियों को बुरी तहह से तोड़ कर रख दिया है। उत्तरांचल पंजाबी महासभा की ऋषिकेश शाखा के अध्यक्ष व शहर के प्रमुख व्यापारी केवल किशन लांबा के अनुसार तालाबंदी से दुकानदारों को जबरदस्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले वर्ष के लॉकडाउन में व्यापारियों ने बचत से अपने तथा कर्मचारियों के परिवार का खर्च चलाया था, लेकिन इस वर्ष तो जमा पूंजी भी इसमें जा रही है। जल्द ही यदि सरकार ने कोविड कफ्र्यू को समाप्त करने की घोषणा न करी तो व्यापारियों को मजबूरन सरकार के खिलाफ कोई सख्त निर्णय लेने के लिए विवश होना पड़ सकता है। शहर के एक अन्य व्यापारी राजकुमार मारवाह के अनुसार प्रदेश में व्यापारी करोड़ों रुपये का टेकस सरकार को देते हैं।कोरोना की जबरदस्त मार से व्यापारी और व्यापार संकट में है। सरकार को व्यापारियों के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए, जिसमें आर्थिक मदद के साथ कम दर व आसानी से ऋण मंजूरी के प्रावधान के साथ अन्य रियायतें हो।

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