प्रेम का भाव सुखी परिवार की नींव -डॉ राजे सिंह नेगी

प्रेम का भाव सुखी परिवार की नींव -डॉ राजे सिंह नेगी

ऋषिकेश- अंतरराष्ट्रीय गढवाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व विभिन्न संस्थाओं से जुड़े समाजसेवी डॉ राजे सिंह नेगी ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना ने संयुक्त परिवार की अहमियत समझाने का काम किया है। संकट के समय कोरोना संक्रमित होने पर लोग परिवार और रिश्तों की कीमत समझने लगे हैं।



शनिवार को परिवार दिवस के अवसर पर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ नेगी ने बताया कि परिवार में समरसता व सामंजस्य बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हम एक-दूसरे के प्रति सकारात्मक भाव बनाए रखें। एक-दूसरे की बुराइयों को देखने की बजाय उनके गुणों को देखें। डॉ.नेगी ने कहा कि सबका भला और विकास भारत का आध्यात्मिक भाव है। लेकिन इसकी शुरुआत परिवार से ही होती है।जो व्यक्ति परिवार के लिए अच्छा नही होता वो समाज के लिए भी कभी भी बेहतर इंसान साबित नही हो पाता।उन्होंने कहा कि विकास के दौर में आज परिवार की अवधारणा भले ही बदल गई हो, मगर परिवारिकता का जो आनंद है, उसे बचाए रखना चाहिए। कहा कि, मजबूत राष्ट्र का निर्माण सुखी परिवार से ही होता है। प्रेम का भाव सुखी परिवार की नींव है।

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