कोविड-19 के भय से मानसिक रोगों से ग्रसित होने से बचे आम जनमानस -डॉ राजे सिंह नेगी

कोविड-19 के भय से मानसिक रोगों से ग्रसित होने से बचे आम जनमानस -डॉ राजे सिंह नेगी

ऋषिकेश- कोरोना की दूसरी लहर से देशभर भर में लोग दहशत में हैं। वैश्विक महामारी से संक्रमित होने के भय के चलते लोग मानसिक तनाव का शिकार भी होने लगे हैं।यह कहना है शहर की नेत्र रोग विशेषज्ञ व विभिन्न संगठनों से जुड़े समाजसेवी डॉ राजे सिंह नेगी का।उन्होंने बताया कि कोविड-19 की दूसरी और बेहद खतरनाक होती जा रही दूसरी लहर लोगों में तनाव बड़ रहा है। कोरोना की चपेट में ना आने वाला भी इन दिनों मानसिक तनाव से जूझ रहा है।उन्होंने कहा कि बीमारी चाहे वह शारीरिक हो या मानसिक, बीमारी तो बीमारी है जो हमारे स्वास्थ्य और गतिविधियों को प्रभावित करती है, इसलिये उसका इलाज होना चाहिये। जिस प्रकार हम शारीरिक समस्याओं पर खुलकर बात करते हैं और उनका इलाज कराते हैं उसी प्रकार मानसिक समस्याओं पर भी खुलकर बात की जाये ताकि उसका भी इलाज किया जा सके। जीवन में कई पल ऐसे आते हैं जो हमारे अनुरूप नहीं होते जिससे तनाव उत्पन्न होता है, हम धैर्य खोने लगते हैं जिससे कई अन्य मानसिक समस्यायें भी उत्पन्न होने लगती हैं।


उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 की गंभीर चुनौतियों का सामना करने के बाद इस वर्ष होली के बाद कोविड की त्तीव होती लहर ने आमजनमानस की समस्याओं में जबरदस्त इजाफा कर दिया है।लोग घरों में लाकडाउन के दौरान किस प्रकार चुनौतियों का सामना करेंगे इसको लेकर पशोपश में हैं।उन्होंने कहा कि मानसिक समस्याओं से हर किसी को रूबरू होना पड़ता है। महात्मा गांधी , अब्राहम लिंकन, विंस्टन चर्चिल, मार्टिन लूथर किंग जूनियर, डाॅ अब्दुल कलाम और अन्य अनेक हस्तियों की आत्मकथा मे एक समानता अवश्य है, वे सब भी अपने जीवन में तनाव से गुजरे हैं परन्तु वे धैर्य के साथ आगे बढ़ते गये और आज उनका नाम इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण अक्षरों से अंकित हैं। वे आज करोड़ों लोगों के लिये मार्गदर्शक व प्रेरणा के स्रोत हैं।उन्होंने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर का सामना भी लोगों मजबूती से करना होगा।

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