मृत पशुओं के निस्तारण की बने शीघ्र योजना-जुगलान

मृत पशुओं के निस्तारण की बने शीघ्र योजना-जुगलान

ऋषिकेश-जिला गंगा सुरक्षा समिति के नामित सदस्य एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रान्त पर्यावरण प्रमुख पर्यावरण सचेतक विनोद जुगलान ने जनपद देहरादून अंतर्गत मृत पशुओं के निस्तारण को शीघ्र योजना बनाये जाने और उसके क्रियान्वयन की प्रसाशन से मांंग की है।उन्होंने कहा कि गंगा के तटीय गाँवों में अभी तक ठोस कूड़ा अपशिष्ट पदार्थों की निस्तारण योजना लागू नहीं होने से जगह जगह कूड़े के ढेर लगे पड़े हैं।वहीं दूसरी ओर ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में मृत पशुओं के निस्तारण की कोई सफल योजना नहीं बन पाई है।परिणामस्वरूप गंगा के तटीय क्षेत्रों में जहाँ तहाँ मृत पशुओं अवशेष बिखरे पड़े हैं।जो कि बारिश एवं नालों के पानी के साथ सीधे गंगा में मिल जाते हैं।इससे सनातन संस्कृति अनुयायियों सहित गंगा के प्रति आस्था रखने वालों की आस्था को ठेस पहुँचती है।





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जिला गंगा सुरक्षा समिति की पाक्षिक बैठकों में यह मामला कई बार उनके द्वारा उठाया जा चुका है।सदन की बैठक में अवगत कराया गया था कि देहरादून में मृत पशुओं के निस्तारण के लिए जगह चिन्हित की गई थी लेकिन वहाँ के एक जनप्रतिनिधि द्वारा गतिरोध के कारण योजना क्रियान्वित नहीं हो पा रही है।वन विभाग एवं स्थानीय निगम प्रसाशन के सहयोग से अन्यत्र भूमि तलाशने का कार्य जारी है।भूमि चयन में देर होने के कारण वीर पुर,खड़क माफ,गोहरी माफी,रायवाला,छिद्दरवाला सहित नदियों के तटीय क्षेत्रों में मृत पशुओं के अवशेष इधर उधर बिखरे पड़े रहते हैं।उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन को इस ओर ध्यान देते हुए फिलहाल मृत पशुओं के निस्तारण के अस्थाई प्रयास किये जाने चाहिए।साथ ही गंगा जी के तटीय ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा अपशिष्ट प्रबन्धन के ठोस प्रबन्धन पर जोर दिए जाने की आवश्यकता है।जिला गंगा सुरक्षा समिति के नामित सदस्य विनोद जुगलान ने बताया कि गंगा जी के तटीय ग्रामों में स्वच्छता अभियान की जागरूकता को लेकर वे स्वयं विकास भवन देहरादून में जिला विकास अधिकारी से भेंटकर इस विषय परवार्ता करेंगे की गंगा के तटीय ग्रामों में किस प्रकार स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके साथ ही इन क्षेत्रों में किस प्रकार स्वच्छता के जनजागरूकता का प्रसार किया जा सकता है।इस दौरान बैठक में नगर निगम के अधिकारी भी भाग लेंगे।

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