मौनी अमावस्या पर संगीनों के सायें में श्रद्वालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी!

मौनी अमावस्या पर संगीनों के सायें में श्रद्वालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी!

ऋषिकेश- तीर्थ नगरी के प्रमुख घाट त्रिवेणी घाट पर गुरुवार को मौनी अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।स्नानार्थियों ने गंगा में डुबकी लगाने के बाद प्रभु की अराधना की। इसके बाद दान कर पुण्य कमाया। भक्तों की भीड़ को देखते हुए गंगा घाट पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त किये थे।





​banner for public:Mayor

माघ माह के प्रमुख स्नान में एक मौनी अमावस्या का नहान होता है। पर्व के महात्म्य को देखते हुए सूर्योदय से पहले ही श्रद्धालुओं का गंगा स्नान शुरू हो गया था। आस्था ऐसी कि ठंडी हवाओं का असर भी बेअसर साबित हुआ। ठंड में भी लोगों ने गंगा स्नान करने के बाद सूर्यदेव को जल चढ़ाया। इसके बाद आराध्य देव की पूजा करने के बाद दान कर पुण्य कमाया।
महाकुंभ के मौनी अमावस्या स्नान पर देवभूमि के विभिन्न गंगा तटों में श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य लाभ कमाया। विधि विधान से पूजन कर जरूरतमंदों को दान दिया। इस दौरान हाईवे पर वाहनों की लाइन लग गई। ठंड के बीच त्रिवेणी घाट पर तड़के से ही गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।भोर होने के साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या बड़ती चली गई। गंगा में स्नान कर श्रद्धालुओं ने विधि विधान से पूजन किया। माघ मास के अमावस्या पर दान का बड़ा महत्व माना जाता है। इस दौरान हाइवे पर वाहनों की लाइन लगी रही। मुख्य मार्गो पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
कोरोना संक्रमण की आशंकाओं के बीच चल रही कुंभ की तैयारियों के मध्य हल्के कोहरे, ठंड और चल रही हल्की हवाओं के बीच हर हर महादेव और गंगा मैया के जयकारों से यहां के घाट गुंजायमान रहे। मकर संक्रांति स्नान के बाद यह दूसरा बड़ा स्नान पर्व है। गंगा पूजन और स्नान के बाद श्रद्धालु मौन रखकर मौनी अमावस्या के व्रत का पालन कर रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन मौन रखकर व्रत का पालन करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है ।कोरोना संक्रमण को लेकर केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार राज्य सरकार के निर्देशों के अनुपालन में प्रशासन ने कड़ी व्यवस्था कर रखी थी। सुरक्षा के भी कड़े बंदोबस्त आज देखने को मिले।

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: