कवि, लेखक और पत्रकार देश की शान- स्वामी चिदानन्द

कवि, लेखक और पत्रकार देश की शान- स्वामी चिदानन्द

ऋषिकेश- परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने छायावादी युग के कवि हरिवंश राय बच्चन के जन्मदिवस पर उन्हें याद करते हुये कहा कि डॉ. हरिवंश राय बच्चन आजीवन हिन्दी साहित्य को समृद्ध करते रहे। अपनी कालजयी कृति ’मधुशाला’ और अन्य सभी रचनाओं के माध्यम से वह हमेशा जीवंत बने रहेंगे।

स्वामी चिदानन्द ने कहा कि भारतीय साहित्य की प्राचीन काल से ही समृद्धशाली परम्परा रही है। महर्षि वेदव्यास, महर्षि वाल्मीकि, महाकवि कालिदास, महाकवि तुलसीदास, कवि कंबन, कवि जायसी, कवि अमीर खुसरो आदि अनेक कवियों और शक्ति स्वरूपा लोपामुद्रा, गार्गी, मैत्रेयी, अपाला, ब्रह्मवादिनी, महादेवी आदि कवयित्रियों ने भारतीय साहित्य को जीवंत बना रखा है। कहा कि, साहित्य और संस्कृति किसी भी देश की आत्मा होती है। साहित्य और संस्कृति ही वह मूल सिद्धान्त है जिससे उस राष्ट्र और वहां के समाज के संस्कारों का बोध होता है, साथ ही इससे वहां के लोगों के जीवन आदर्शों, जीवन मूल्यों और परम्पराओं का निर्धारण किया जा सकता है। साहित्य और संस्कृति वह मूल सिद्धान्त है जो हमें और हमारे समाज का निर्माण करते हैं।

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