नगर की हद्वय स्थली त्रिवेणी घाट पर चल रहा है नशे का गौरखधंधा !

नगर की हद्वय स्थली त्रिवेणी घाट पर चल रहा है नशे का गौरखधंधा !

ऋषिकेश- नगर की हृदय स्थली त्रिवेणी घाट नशेडिय़ों के लिए महफूज ठिकाना बना हुआ है ।तथाकथित साधु बाबा तो यहां चिलम भरा ही करते थे। अब इससे दो कदम आगे बढ़ते हुए नशे के सौदागरों ने यहां मौत का सामान तिल्ले के माल के रूप में भी सप्लाई करना शुरू कर दिया है। हैरत की बात यह है कि घाट का रखरखाव करने वाली गंगा सभा और घाट चौकी पुलिस दोनों ने ही इस पर अपनी आंखें मूंदे हुई हैं। उत्तराखंड में भी नशे का कारोबार तेजी से पनप रहा है ।

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेश की ही बात करें तो यहां वर्षों से मादक पदार्थों का गोरखधंधा पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर चलता रहा है। युवा पीढ़ी इसकी लत में बर्बाद होने लगी है। नशे की पूर्ति के लिए अपराधिक गतिविधियों में युवा लिप्त हो रहे हैं। चंद्रभागा बस्ती मादक पदार्थों की बिक्री के लिए बदनाम रही है। इसके अलावा अब शहर के कई
अन्य स्थानों पर स्मैक का कारोबार खुलेआम चल रहा है। यहा पर सुबह-शाम स्मैक का मेला जैसा लगने लगा है। स्मैक कारोबारी स्मैक की पुडि़या को 100-100 रुपये में बेच रहे है। स्मैक की लत की गिरफ्त में नौजवान तेजी से आ रहे हैं। मगर इस मौत के कारोबार की तरफ शासन-प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। स्मैक के लती लोग अपना नशा जुटाने के लिए चोरी चकारी एवं अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने से भी गुरेज नहीं करते हैं। लगी हो तो बताते चलें कि जनपद के पुलिस कप्तान के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने यहां शराब एवं मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान भी छेड़ रखा है लेकिन अभियान के बावजूद नशे के कारोबार में कहीं से कोई कमी आती हुई नजर नहीं आ रही ।इसकी तस्दीक नगर की हृदय स्थली त्रिवेणी घाट पर पुलिस से बेखौफ होकर चल रहे नशे के गौरखधंधे से की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: