गंगा की पवित्रता भंग करने वालों पर हो कार्यवाही -जुगलान

गंगा की पवित्रता भंग करने वालों पर हो कार्यवाही -जुगलान

ऋषिकेश-ग्रामीण क्षेत्र ऋषिकेश की ग्राम सभा खदरी खड़क माफ अन्तर्गत राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान के समीप गंगा तट पर मृत मुर्गियों के अवशेष फेंकने का मामला पिछले वर्ष भी संज्ञान में आने पर स्थानीय प्रसाशन के जाँच दल ने इस क्षेत्र का मुआयना किया था,किन्तु विवेचना में मौके पर मृत मुर्गों के अपशिष्ट के अतिरिक्त कुछ खास जानकारी न मिलने के कारण मामला लम्बित हो गया था।यहाँ कुछ लोग न केवल घरों का कूड़ा करकट रास्तों के किनारे इधर उधर फेंक देते हैं बल्कि गंगा की सहायक जलधाराओं में अपने गन्दे वाहन धोकर गंगा की पवित्रता भंग करने का घृणित कार्य भी कर रहे हैं। ऐसे ही धुलाई के लिए लाई गयी एक मुर्गा ढोने वाली गाड़ी यहाँ गंगा तट पर दलदल में फंस गई।स्थानीय ग्रामीणों ने जब उनसे गाड़ी नदी में लाने का कारण पूछा तो वाहन चालक भाग खड़ा हुआ।उसके काफी देर बाद वाहन चालक गाड़ी निकालने पहुंचा तो सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मी वाहन को चौकी ले गये।

जिला गंगा सुरक्षा समिति के सदस्य पर्यावरणविद विनोद जुगलान का कहना है कि मकर वाहिनी गंगा नदी मात्र नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत है।माँ गंगा जी पतित पावनी और मोक्षदायिनी है।एक ओर भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे योजना के कार्यों के तहत गंगा की निर्मलता के प्रयास किये जा रहे हैं दूसरी ओर कुछ सामाजिक लोग गंगाजल की पवित्रता भंग कर रहे हैं।शाम ढलते ही असामाजिक लोगों का गंगा तट क्षेत्र में आकर समाजविरोधी गतिविधियों को कार्यों को अन्जाम देकर गंगा के प्रति आस्था रखने वालों की भावना को आहत किया जा रहा है। गंगा के अमृतजल को दूषित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को गंगा जी की गरिमा को ध्यान में रखते हुए इस ओर जाने वाले वाहनों पर नजर रखनी चाहिए।पतित पावनी मोक्षदायिनी गंगा जल और आसपास के वातावरण को दूषित करने वालों को चिन्हित कर चालान करने की भी स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की जानी चाहिए।गौरतलब है कि समय समय पर यहाँ गंगा जी तट पर गन्दगी फैलाने के समाचार मिलते रहते हैं।इस ओर ध्यान दिये जाने की सख्त जरूरत है।

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