स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने पंडित जसराज को भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने पंडित जसराज को भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की

ऋषिकेश- परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने भारतीय शास्त्रीय संगीत के सरताज पंडित जसराज के देहांत पर शोक व्यक्त करते हुये भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की।
स्वामी चिदानंद ने कुम्भ मेला उज्जैन की स्मृतियों को याद करते हुये कहा कि पंडित जसराज कुम्भ कैम्प में आये, साथ-साथ माँ क्षिप्रा में स्नान किया, हरिद्वार और परमार्थ निकेतन के घाट पर भी साथ -साथ गंगा स्नान, ध्यान और माँ गंगा की आरती की और वहां उपस्थित सभी भक्तों व पर्यटकों को उन्होंने अपने संगीत से अभिभूत किया। आज वे सारी स्मृतियां पुनः जीवंत हो गयी। अद्भुत थी उनकी शास्त्रीय संगीत साधना जिससे हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता था।
भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित जसराज के देहांत पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें। पंडित जसराज के देहांत से भारतीय शास्त्रीय जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को एक नयी पहचान दी है। वे विलक्षण प्रतिभा सम्पन्न व्यक्तित्व के धनी थे उनकी संगीत शैली उत्कृष्ट और असाधारण है। आज वे सशरीर हमारे बीच नहीं है परन्तु अपने संगीत और सौरमण्डल के ग्रह ‘माइनर प्लेनेट’ 2006 वीपी 32 (नंबर 300128) जो कि हमारे सौरमण्डल में गुरु और मंगल के बीच रहते हुए सूर्य की परिक्रमा कर रहा है उस रूप में हमेशा दिव्यमान रहेंगे।

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